10 गुना पानी के साथ गुड़हल के जड़ों में डाल दें बेकार चीजों से बने ये 2 खाद, ठंड में फूलों से लद जाएगा पेड़
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Kitchen Garden Tips : सर्दियों की दस्तक के साथ ही अक्सर बगीचे में लगे गुड़हल के फूल कम होने लगते हैं और पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं. लेकिन घबराएं नहीं, अगर आप चाहते हैं कि कड़कड़ाती ठंड में भी आपका पौधा कलियों से भरा रहे, तो आपको बस बेकार चीजों से बने ये 2 खाद ट्राई करने होंगे.
सर्दियों में गुड़हल के लिए सबसे बड़ी चुनौती धूप की कमी होती है. इस मौसम में पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे दिन भर की सीधी धूप मिल सके. अगर पौधा छांव में रहेगा, तो प्रकाश संश्लेषण धीमा हो जाएगा, जिससे कलियां नहीं बनेंगी और पत्तियां पीली होकर गिर जाएंगी. ऐसे मौसम में कम से कम 6-7 घंटे की धूप जरूरी है.

ठंड में वाष्पीकरण कम होता है, इसलिए मिट्टी जल्दी नहीं सूखती. गुड़हल में पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी 1-2 इंच मिट्टी पूरी तरह सूखी महसूस हो. ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और फंगस लग सकता है. मिट्टी में सिर्फ नमी बनाए रखें, उसे कीचड़ न बनने दें.

गमले की मिट्टी में हवा का संचार बनाए रखने के लिए हफ्ते में एक बार हल्की गुड़ाई जरूर करें. इससे जड़ों तक ऑक्सीजन आसानी से पहुंचती है और मिट्टी में फंसी अतिरिक्त नमी सूख जाती है. गुड़ाई करने से मिट्टी हल्की रहती है और पौधे की जड़ें स्वस्थ रहती हैं, जो फूलों के विकास के लिए जरूरी है.
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सर्दियों के बीच में दिसंबर-जनवरी पौधे की हार्ड प्रूनिंग या भारी कटाई-छंटाई बिल्कुल न करें. इससे पौधा ‘शॉक’ में जा सकता है क्योंकि इस समय उसकी ग्रोथ धीमी होती है. केवल सूखी, काली या रोगग्रस्त टहनियों को ही हटाएं. हार्ड प्रूनिंग के लिए फरवरी या मार्च के महीने का इंतजार करना सबसे बेहतर होता है.

सर्दियों में गुड़हल के लिए ‘सरसों की खली’ सबसे बेहतरीन खाद है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो जड़ों को ठंड से बचाती है. इसे 3-4 दिन पानी में भिगोकर, फिर 10 गुना सादे पानी में मिलाकर पतला लिक्विड फर्टिलाइजर बनाएं. इसे महीने में एक बार देने से पौधे में नई जान और ढेरों फूल आते हैं.

फूलों की संख्या बढ़ाने और कलियों को गिरने से रोकने के लिए पोटेशियम का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. इसके लिए आप सूखे केले के छिलकों का पाउडर या प्याज के छिलकों का पानी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एक बेहतरीन जैविक खाद है जो फूलों का आकार बड़ा करती है और रंग गहरा बनाती है. इसे हर 20 दिन में एक बार डालें.