जानिए कैसे पॉलीहाउस बन गया पौधों का ICU, सेनेटाइजेशन से लेकर ड्रिप इरिगेशन तक सब कुछ मौजूद!

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जानिए कैसे पॉलीहाउस बन गया पौधों का ICU, सेनेटाइजेशन से लेकर ड्रिप इरिगेशन तक सब कुछ मौजूद!


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Bahraich News: बहराइच में पौधों की सुरक्षा और बेहतर विकास के लिए पाली हाउस को पौधों का आईसीयू माना जा रहा है. यहां मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों, फंगस और बैक्टीरिया से पौधों को बचाने के लिए आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपाय लगाए गए हैं.

बहराइच: पौधों की सही देखभाल और विकास के लिए पॉली हाउस को पौधों का आईसीयू माना जा रहा है. जैसे इंसानों के लिए आईसीयू जीवनरक्षक होता है, वैसे ही पॉली हाउस में पौधों को मौसम, बैक्टीरिया और फंगस जैसी समस्याओं से बचाया जाता है. इसमें पौधों की सुरक्षा के लिए पूरे पॉलिहाउस को समय-समय पर सेनेटाइज किया जाता है. पौधों को पर्याप्त पानी देने के लिए ड्रिप इरीगेशन सिस्टम और वातावरण को नियंत्रित करने के लिए बड़े एग्जाज फेन लगाए गए हैं. इन सभी उपायों से पौधों की सुरक्षा और बढ़वार सुनिश्चित होती है.

पॉली हाउस लगाने के लिए आवेदन
पॉली हाउस लगवाने के लिए सबसे पहले आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी जरूरी होती है. केवल पॉली हाउस बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों की सही देखभाल करना भी सीखना जरूरी है. इसके लिए आवेदन dbt.uphorticulture.com पर जाकर किया जा सकता है. साइट पर जिला चयन करने के बाद सभी विकल्प खुल जाते हैं. आप अपनी आवश्यकता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं. यहां एकीकृत बागवानी मिशन (MIDS) के तहत विभाग के सारे प्रोजेक्ट और योजनाओं की जानकारी मिलती है. इस माध्यम से पॉली हाउस लगवाने की पूरी प्रक्रिया समझकर आवेदन किया जा सकता है.

पॉली हाउस को रोजाना किया जाता है सेनिटाइज
पॉली हाउस को बड़े तंबू के आकार में बनाया जाता है. इसमें बीच-बीच में लोहे की बेंच लगाकर ट्रे रखी जाती हैं. इन ट्रे में पौधों के लिए खाद और पानी डालकर बीज बोए जाते हैं. पौधों के विकास के दौरान फंगस और बैक्टीरिया से बचाव के लिए पॉली हाउस का नियमित सेनेटाइजेशन किया जाता है. पौधों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों को भी सुरक्षा उपायों का पालन करना होता है. कई बार पौधों के साथ आने वाले बैक्टीरिया और फंगस की समस्या पैदा हो जाती है, इसलिए पूरी सावधानी बरतना जरूरी है.

पॉली हाउस न केवल पौधों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है, बल्कि इससे किसानों और बागवानों को भी पौधों के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलती है.

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें

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