मिर्जापुर: हैंडमेड कालीन कारोबार पर अमेरिकी झटका, 75% डिमांड घटी, अब चीन और ब्राजील बने सहारा

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मिर्जापुर: हैंडमेड कालीन कारोबार पर अमेरिकी झटका, 75% डिमांड घटी, अब चीन और ब्राजील बने सहारा


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Mizapur News: विक्रम जैन ने बताया कि अमेरिका से कारोबार प्रभावित होने के बाद 25 प्रतिशत ऑर्डर मिल रहे हैं. हालांकि, अमेरिका से बिजनेस प्रभावित होने के बाद अब चाइना से कारोबार बढ़ा है. अब चाइना से हैंड मेडेड कालीन के खूब ऑर्डर आ रहे हैं, लेकिन वहां से महंगे कालीन की मांग ही की जा रही है.

मिर्जापुर: भारतीय सामानों पर अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद सबसे ज्यादा कालीन का कारोबार प्रभावित हुआ है. अमेरिका से 800 करोड़ का कालीन का कारोबार हो था, जो टैरिफ लगने के बाद महज 200 करोड़ पर आ गया है. 75 प्रतिशत तक डिमांड कम हुई है. अमेरिका से कारोबार प्रभावित होने के बाद चाइना और ब्राजील से कारोबार बढ़ गया है. महंगी कालीनों की डिमांड चाइना में बढ़ गई है. हालांकि, अभी भी पुराने दिन वापस नहीं आ सके हैं.

टैरिफ बढ़ने से असमंजस में कारोबारी

कालीन के बड़े कारोबारी विक्रम जैन ने लोकल 18 से बताया कि अभी हैंडमेड कार्पेट का इंटरनेशनल फेयर भदोही में लगा था, जो 11 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच में चला था. इसमें कालीन का कारोबार में थोड़ा सुधार हुआ है और अथक प्रयास 200 बॉयरों ने मेले में भाग लिया. अमेरिकी बॉयरों में अभी भी असमंजस की स्थिति है कि कैसे इसे खरीदें. उन्हें उम्मीद है कि भारत सरकार इसपर कोई कदम उठाएगी, क्योकि टैरिफ लगने से बड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है. अब धीरे-धीरे परिस्थितियां सुधार हो रहा है. अभी भी आस है कि यह टैरिफ 25 प्रतिशत भी हो जाता है तो कारोबार को संजीवनी मिलेगी.

अभी मिल रहे 25 प्रतिशत ऑर्डर

विक्रम जैन ने लोकल 18 को बताया कि अमेरिका से कारोबार प्रभावित होने के बाद 25 प्रतिशत ऑर्डर मिल रहे हैं. हालांकि अमेरिका से बिजनेस प्रभावित होने के बाद अब चाइना से कारोबार बढ़ा है. अब चाइना से हैंड मेडेड कालीन के खूब ऑर्डर आ रहे हैं, लेकिन वहां से महंगे कालीन की मांग ही की जा रही है.

अभी भी सस्ते कालीन नहीं जा रहे हैं. थोक में कालीन की जो बिक्री होती है, वह अभी नहीं हो रही है. यही वजह है कि कालीन का कारोबार जबरदस्त प्रभावित हुआ है. सरकार कालीन बुनकरों के प्रति प्रगतिशील है, लेकिन अभी जमीन पर उसका कोई खास असर नहीं नजर आ रहा है. अभी भी कालीन की मांग वैसा नहीं हो सका है, जो अमेरिकी टैरिफ के पहले था.

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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अमेरिका ने छोड़ा साथ तो चीन-यूरोप आए आगे, कालीन खरीदारी में फिर से बढ़त



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