100 साल पुरानी इस दुकान में मिलता है खास रसगुल्ला, सेहत का है सुपरफूड! शरीर में भर देता है ताकत
गोरखपुर: सर्दियों में जब शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों की जरूरत होती है, तब आंवला सबसे कारगर सुपरफूड माना जाता है. वैसे तो आपने आंवले का मुरब्बा, अचार और कैंडी कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आपने कभी ‘आंवले का रसगुल्ला चखा है. गोरखपुर के घंटाघर की गलियों में मौजूद 100 साल पुरानी दुकान, जहां प्राणनाथ परिवार पीढ़ियों से मुरब्बा और अचार बनाते आ रहे हैं, वहां की खास रेसिपी आज हम आपके लिए लेकर आए हैं. प्राणनाथ बताते हैं कि आंवले का रसगुल्ला न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि बेहद फायदेमंद भी है. यह सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने, त्वचा को ग्लो देने और पाचन सुधारने में खास भूमिका निभाता है.
आंवले के रसगुल्ला के फायदे
इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, आंवले में मौजूद विटामिन C सर्दी-जुकाम से बचाता है. पाचन में सुधार, इसमें मौजूद फाइबर पेट को हल्का रखता है और पाचन क्षमता बढ़ाता है. चमकदार त्वचा, नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक ग्लो आता है. रक्त शुद्ध करता है, यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर खून को साफ करता है. एनर्जी बूस्टर, सर्दियों में सुस्ती दूर करने के लिए यह एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है.
100 साल पुरानी दुकान की रेसिपी
प्राणनाथ की पारंपरिक विधि आज भी उतनी ही मशहूर है जितनी दशकों पहले थी. इसे घर पर बेहद आसानी से बनाया जा सकता है. इस रसगुल्ले को बनाने के लिए 1 किलो आंवला, 800 ग्राम चीनी, 1 लीटर पानी, थोड़ा इलायची पाउडर, गुलाब जल और एक पतला कपड़ा जो छाने के इस्तेमाल में आएगा. शुगर वाले लोग चीनी के जगह गुड का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो और लाभकारी साबित होगा. यह रेसिपी बेहद खास है, जिससे लोग घर पर ही आसानी से आंवाले का रसगुल्ला तैयार कर सकते हैं.
रसगुल्ला बनाने की विधि
आंवले की तैयारी, आंवले को अच्छे से धोकर हल्का उबाल लें. उबलने के बाद तुरन्त ठंडे पानी में डालें ताकि रंग और स्वाद बरकरार रहे. फिर गूदा निकालना, आंवले के टुकड़े अलग करें और इसका गूदा अच्छी तरह पीस लें. अब इस मिश्रण को कपड़े की मदद से छानकर रस अलग कर लें. रसगुल्ले का बेस, बचे हुए गूदे को हल्का-सा दबाकर छोटे-छोटे गोले बना लें. चाशनी तैयार करें, पानी में चीनी डालकर दो तार की चाशनी तैयार करें, इसमें इलायची पाउडर मिलाएं. गोले पकाना, आंवले के बने छोटे गोले चाशनी में डालकर 10–12 मिनट धीमी आंच पर पकाएं. खुशबू के लिए अंत में गुलाब जल डाल दें. फिर इसे ठंडा करें और सर्व करें, जब ये रसगुल्ले चाशनी को अच्छी तरह सोख लें, तो इन्हें ठंडा करके स्टोर कर लें.
1 से 2 रसगुल्ले रोज सुबह खाने से सर्दियों में शरीर को विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मिलते हैं. गोरखपुर के घंटाघर की यह पारंपरिक रेसिपी आज भी लोगों की पसंद बनी हुई है. अगर आप इस ठंड में कुछ हेल्दी और स्वादिष्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो आंवले के रसगुल्ला जरूर बनाएं.