20 साल तक की ‘फर्जी’ सरकारी नौकरी, सैलरी के नाम पर खूब लिया पैसा, ऐसे खुला राज
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Chitrakoot News: चित्रकूट जिले के डीपीआरओ ऑफिस में तैनात एक क्लर्क फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 20 साल से नौकरी कर रहा था. जांच में आरोप सही पाए जाने पर क्लर्क को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.
चित्रकूट. चित्रकूट के जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में पिछले 20 साल से नौकरी कर रहे क्लर्क कनिष्क बाबू उर्फ सुरेंद्र कुमार चतुर्वेदी की पोल खुल गई है. जांच में पता चला कि उसने मृतक आश्रित कोटे में फर्जी गोदनामा बनवाकर नौकरी हासिल की थी और दो दशक से सरकारी खजाने से वेतन हड़प रहा था.
लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने मामले की गहन जांच कराई. जांच में सामने आया कि कनिष्क बाबू ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए खुद को किसी मृत कर्मचारी का गोद लिया पुत्र बताया और इसी आधार पर डीपीआरओ विभाग में नौकरी पा ली.
आरोपी क्लर्क फरार
घटना से विभाग में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन ने सभी मृतक आश्रित नियुक्तियों के कागजातों की दोबारा जांच करने के आदेश दे दिए हैं ताकि ऐसे किसी और मामले का पता लग सके. जिलाधिकारी ने कहा है कि फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी, चाहे मामला कितना भी पुराना क्यों न हो. फिलहाल आरोपी क्लर्क फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार… और पढ़ें