ना कीटनाशक दवाओं की जरूरत, ना जानवरों का डर, लहसुन के साथ करें इस फसल की खेती

0
ना कीटनाशक दवाओं की जरूरत, ना जानवरों का डर, लहसुन के साथ करें इस फसल की खेती


Last Updated:

Lakhimpur Kheri News: बढ़ती लागत के कारण अब किसान सहफसली खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं. सर्दियों के मौसम में गन्ने के साथ लहसुन की खेती एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आया है. स्थानीय किसानों का कहना है कि गन्ने के साथ लहसुन की सहफसली खेती न केवल आमदनी बढ़ाती है, बल्कि फसलों को कई तरह की समस्याओं से भी बचाती है.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान गन्ने की खेती करते हैं. खीरी जिले को चीनी का कटोरा कहा जाता है. गन्ना किसानों को आमदनी का एक मजबूत साधन प्रदान करता है. बदलते समय और बढ़ती लागत के कारण अब किसान सहफसली खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं. सर्दियों के मौसम में गन्ने के साथ लहसुन की खेती एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आया है. स्थानीय किसानों का कहना है कि गन्ने के साथ लहसुन की सहफसली खेती न केवल आमदनी बढ़ाती है, बल्कि फसलों को कई तरह की समस्याओं से भी बचाती है.

सहफसली खेती से किसानों को दोहरा फायदा

किसान प्रदीप शुक्ला के अनुसार, उन्होंने नवंबर महीने में गन्ने की बुवाई की और उसके साथ ही लहसुन की रोपाई भी कर दी. उनका कहना है कि सहफसली खेती करने से किसानों को दोहरा फायदा मिलता है. एक ही खेत में दो फसलों की पैदावार से मुनाफा बढ़ता है और लागत भी कम होती है, जिस कारण लहसुन की तेज गंध के कारण गन्ने की फसल पर कीटों का प्रकोप काफी कम हो जाता है, जिससे कीटनाशक दवाओं पर होने वाला खर्च लगभग समाप्त हो जाता है. किसान बताते हैं कि लहसुन की मौजूदगी से खेत में नीलगाय और आवारा पशुओं का प्रकोप भी काफी घट जाता है, क्योंकि वे लहसुन की गंध के चलते खेत के पास नहीं आते हैं.

एक ही खेत में दो फसलों की पैदावार

कृषि वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से लगातार किसानों को सहफसली खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उनका कहना है कि एक ही खेत में दो फसलों की खेती करने से भूमि का बेहतर उपयोग होता है, उत्पादन बढ़ता है और किसान की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है. उन्होंने बताया कि गन्ने के साथ लहसुन की सहफसली खेती वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभकारी है, क्योंकि दोनों फसलों की पोषक आवश्यकता अलग-अलग होती है और वे एक-दूसरे की बढ़वार में बाधा नहीं डालतीं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

homeagriculture

ना कीटनाशक दवाओं की जरूरत, ना जानवरों का डर, लहसुन के साथ करें इस फसल की खेती



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *