चाचा निकला चतुर! ऐसी रची थी साजिश, की हो जाता मालामाल, पर बनकर रह गया नटवरलाल

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चाचा निकला चतुर! ऐसी रची थी साजिश, की हो जाता मालामाल, पर बनकर रह गया नटवरलाल


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भोपा में 15 करोड़ की जमीन को हड़पने के लिए मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी एफिडेविट लगाने का आरोप का है. पीड़ितों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसएसपी से न्याय की मांग की.

Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर जनपद में एक हैरत अंगेज मामला सामने आया है, जिसमें कई साल पहले मर चुके तीन व्यक्तियों को जिंदा दिखा दिया गया था. साजिश के पीछे दिमाग परिवार के चाचा का था. उसका मकसद करोड़ों रुपए की जमीन को आबादी में घोषित कराकर कब्जाने का था. दरसअल आरोप है कि भोपा थाना क्षेत्र निवासी समरपाल नाम के चाचा ने अपने चचेरे मर्तक भाई मदनपाल, धर्मपाल और एक अन्य सखातेदार विक्रम सिंह को जिंदा दिखाते हुए उनके एफिडेविट तहसील में जमा करा दिए. यह सब उसने 15 करोड़ रुपए कीमत की 15 बीघा खेती को कब्‍जाने के मकसद से किया था.

उसका प्‍लान था कि उस जमीन को पहले आबादी में घोषित करवाएगा और फिर उस पर कब्‍जा कर लेगा. इस साजिश की भनक लगने के बाद मृतक के परिजनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी. जिस पर पुलिस ने इस मामले में प्रथम दृष्टया मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी थी. लेकिन, जांच से संतुष्ट न होने के चलते गुरुवार को पीड़ित परिवार कचहरी स्थित एसएसपी कार्यालय पर पहुंचा था, जहां उन्होंने एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल से मिलकर इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को सजा दिए जाने की मांग की है.

पुलिस की जांच से संतुष्‍ट नहीं पीड़ित परिवार
पीड़ित के रिश्तेदार श्रवण कुमार का कहना है कि उनके बहनोई की भोपा में लगभग 15 बीघा जमीन है. इसी जमीन को हड़पने के लिए मृतक का चाचा समरपाल ने फर्जी तरीके से मृत व्यक्तियों के नाम पर भी एफिडेविट दाखिल कर दिए गए. कुछ लोग 4, 5 या 10 साल पहले मर चुके थे, लेकिन उनके नाम से दस्तावेज तैयार करके धारा 80 के तहत आदेश भी करा लिया. श्रवण का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में 420 व 420/471 जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखवाने की मांग की थी, लेकिन सिर्फ हल्की धाराओं में केस दर्ज कर दिया गया. तीन महीने तक जांच चली, लेकिन 338 जैसी गंभीर धारा अभी तक नहीं लगाई गई है.

उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में मर चुके लोगों के नाम पर भी तहसील में एफिडेविट लगाए गए, लेकिन तहसीलदार स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई. हम 8 महीने से चक्कर काट रहे हैं. पुलिस की लापरवाही साफ दिख रही है. इंसाफ न मिला तो कहां जाएं? इसलिए आज वह एसएसपी से मिलने आए हैं. आरोप है कि जमीन की कीमत करोड़ों में होने के कारण कुछ लोग उस पर प्लॉटिंग कराने की कोशिश में लगे हैं, जबकि खाता विभाजन तक पूरा नहीं हुआ है.

एसपी ग्रामीण ने पीड़ित परिवार को दिलाया भरोसा
वहीं, इस बाबत एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल का कहना है कि एक प्रकरण संज्ञान में आया है, जिसमें आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी एफिडेविट लगा दिए गए, जिनमें मृत व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं. इसका उद्देश्य कुछ लाभ लेना प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि सीओ भोपा की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी के आदेश से थाना भोपा में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है. मामले की विस्तृत विवेचना चल रही है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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