अभी भी समय है, करा लीजिए रजिस्ट्रेशन, वक्फ की संपत्तियों को लेकर बड़ी खबर, बढ़ गई डेट
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सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने बताया कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वक्फ से जुड़े हितधारक, मुतवल्ली और संस्थाएं उम्मीद पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड कर रही हैं. लेकिन तकनीकी चुनौतियों, दस्तावेजों के संकलन में लगने वाले समय और कई वक्फ समितियों द्वारा समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण बोर्ड ने वक्फ ट्रिब्यूनल से समय विस्तार की मांग की थी.
लखनऊः राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश के वक्फ मुतावल्लियों को मिली बड़ी राहत मिली है. उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अनुरोध पर वक्फ ट्रिब्यूनल ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है. वक्फ संपत्तियों और उनसे जुड़े मामलों के पंजीकरण से संबंधित इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 6 दिसंबर 2025 थी. लेकिन बोर्ड द्वारा समय सीमा बढ़ाने के लिए किए गए अनुरोध को स्वीकार करते हुए अब यह तिथि 5 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है.
वक्फ ट्रिब्यूनल से मिली राहत
सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने बताया कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वक्फ से जुड़े हितधारक, मुतवल्ली और संस्थाएं उम्मीद पोर्टल पर अपने दस्तावेज अपलोड कर रही हैं. लेकिन तकनीकी चुनौतियों, दस्तावेजों के संकलन में लगने वाले समय और कई वक्फ समितियों द्वारा समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण बोर्ड ने वक्फ ट्रिब्यूनल से समय विस्तार की मांग की थी. उन्होंने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल ने इस मांग को स्वीकार कर राहत प्रदान की है, जिसके लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड उसकी सराहना करता है.
76 हजार ही दर्ज हो पाई थी
जुफर फारूकी ने यह भी कहा कि उम्मीद पोर्टल पर अब तक 124000 हजार में 76000 ही वक्फ दर्ज हो पाई थी. पंजीकरण वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके माध्यम से प्रदेश की सभी वक्फ संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, अतिक्रमण या दुरुपयोग को रोका जा सकेगा. फारूकी ने सभी मुतवल्लियों और संबंधित संस्थाओं से अपील की कि वे अतिरिक्त प्राप्त समय का उपयोग करते हुए अपनी पंजीकरण प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें.
6 महीने दर्ज करवाने की मुहिम
जुफर फारूकी ने वक्फ ट्रिब्यूनल का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि वक्फ समुदाय के हित में ये बेहद महत्वपूर्ण है. समय विस्तार से अधिक से अधिक लोगों को अपने दस्तावेज पूर्ण रूप से जमा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वक्फ व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी. वक्फ बोर्ड के तमाम कर्मचारी और मूतवल्ली 6 महीने के अंदर नए सिरे से मुहिम चलाकर हर एक संपत्ति को दर्ज करवाएंगे.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें