CMS की कुर्सी पर जा बैठी महिला, देने लगी एक के बाद एक आदेश, अधिकारी भी हैरान-परेशान, फिर हुई पुलिस की एंट्री
Last Updated:
एक महिला सीएमसएस ऑफिस में जाकर कुर्सी पर बैठ गई. कुर्सी पर बैठते ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को बड़े-बड़े फरमान सुनाने लगी. उनको बताने लगी कि काम आखिर कैसे होता है और क्या कुछ करना चाहिए. फिर जो हुआ सब हैरान रह गए.
बलिया (रतनेश सिंह तोमर): उत्तर प्रदेश के बलिया से एक अजब-गजब खबर सामने आ रही है. यहां बुधवार को अस्पताल के सीएमएस ऑफिस में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला आकर कुर्सी पर बैठ गई. वह कुर्सी पर बैठते ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को बड़े-बड़े फरमान सुनाने लगी. उनको बताने लगी कि काम आखिर कैसे होता है और क्या कुछ करना चाहिए. ये देखकर अस्पताल के अधिकारी भी सकते में आ गए कि आखिर अचानक बिना किसी जानकारी के ये महिला अधिकारी कौन आ गई. बेचारे सीएमएस खुद भी दंग रह गए कि उनकी कुर्सी किसने हथिया ली. जब महिला ने भी कुछ नहीं बताया और कुर्सी से नहीं उठी तो पुलिस को जानकारी दी गई. फिर पुलिस आनन-फानन में पहुंची. जब महिला को कुर्सी से हटाने की कोशिश की तो वह नोकझोंक करने लगी. काफी मशक्कत के बाद महिला को ऑफिस से बाहर निकाला और एंबुलेंस से घर भिजवाया गया. आइए जानते हैं शुरू से ये दिलचस्प मामला…
दरअसल, फेफना थाना क्षेत्र के बजहा गांव की रहने वाली शोभा दुबे को लेकर परिवार वाले इलाज के लिए जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे थे. तभी शोभा चकमा देकर सीएमएस ऑफिस में जाकर उनकी कुर्सी पर बैठ गई. यहां वो स्वास्थ्यकर्मियों को उनका काम सीखाने लग गई. ये देखकर अन्य अधिकारी सकते में आ गए की बिना ट्रांसफर के ही अचानक कौन सी महिला अधिकारी सीएमएस की कुर्सी पर आकर बैठ गईं. कही शासन की औचक जांच तो नहीं?
मगर, थोड़ी ही देर में शोभा की हरकतों को देखकर वहां मौजूद लोगों को पता लग गया कि मामला कुछ और ही है. महिला को कुर्सी पर बैठा देख सीएमएस एसके यादव खुद ही दंग रह गए और ऑफिस के बाहर खड़े रहे. अंत में सीएमएस को पुलिस बुलानी पड़ी. जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो शोभा उनसे भी लड़ने लगी. थोड़ी नोकझोंक के बाद कुर्सी से महिला उतर गई. इस बीच महिला के परिजन वहां पहुंच गए. उन्होंने बताया कि महिला दिमागी रूप से बीमार है. अस्पताल प्रशासन ने निजी एंबुलेंस बुलाया तो परिजन महिला को लेकर घर चले गए.
पुलिस ने बताया कि शोभा मानसिक रूप से विक्षिप्त थी और इलाज के लिए जिला चिकित्सालय आई थी. वह परिवार वालों को चकमा देकर सीएमएस की कुर्सी पर ही बैठ गई थी.