iPhone चुराने का नायाब तरीका, GPS, Wi-Fi, ब्लूटूथ और नेटवर्क सिग्नल हो जाते हैं फेल, पुलिस का भी घूम गया दिमाग
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे कुख्यात मोबाइल चोर गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो विशेष रूप से संगीत कंसर्ट, मेट्रो स्टेशनों और बाजारों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाकर महंगे मोबाइल फोन की चोरी करता था. इस गिरोह ने 7 दिसंबर को आईजीआई स्टेडियम में हुए एपी ढिल्लों के कंसर्ट के दौरान लोगों के 40 लाख के मोबाइल फोन चुरा लिए थे. बुधवार को क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चोरी में शामिल यह गिरोह दिल्ली आने वाला है.
दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि इसने कंसर्ट से भी कई फोन चुराए हैं. एसीपी सुनील श्रीवास्तव की देखरेख में एक टीम ने आरोपियों पर तकनीकी निगरानी शुरू कर दी. चोर लगातार अपनी जगहें बदल रहे थे, जिसके कारण पुलिस को 48 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाना पड़ा. 9 दिसंबर को टीम ने यमुना विहार मेट्रो स्टेशन के पास से एक ग्रे रंग की मारुति सुजुकी इग्निस कार को रोका और गैंग के सरगना सलमान सहित चार आरोपियों इमरान, शाहरुख और वसीम को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के निवासी हैं.
महंगे मोबाइल चोरी करने वाला गिरोह का कारनामा
दिल्ली पुलिस को गैंग के सरगना सलमान ने पूछताछ में बताया कि वह अपनी हाई-फाई लाइफ को बनाए रखने के लिए यह धंधा चलाता था. उसका गैंग विशेष रूप से महंगे और लेटेस्ट फ्लैगशिप फोन को निशाना बनाता था. गिरोह एक टीम के रूप में काम करता था. कुछ सदस्य पीड़ित का ध्यान भटकाते थे, जबकि एक या दो सदस्य सफाई से फोन निकाल लेते थे. चोरी के तुरंत बाद आईफोन और अन्य महंगे स्मार्टफोन को ‘फाइंड माई आईफोन’ (Find My iPhone) जैसी ट्रैकिंग से बचाने के लिए वे उन्हें एल्युमीनियम फॉइल में लपेट देते थे. यह फॉइल सेलुलर, जीपीएस, वाई-फाई और ब्लूटूथ सहित सभी सिग्नलों को रोक देता है, जिससे डिवाइस पूरी तरह से अनट्रैसेबल हो जाता था.
दिल्ली पुलिस का बडा़ खुलासा
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 40 महंगे चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें iPhone 17 Pro Max, iPhone 16 सीरीज और Samsung S24 Ultra जैसे लेटेस्ट मॉडल शामिल हैं. शाहरुख समेत कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है. आरोपियों को बीएनएस की धारा 35(1)(E) और 106 के तहत गिरफ्तार किया गया है. गिरोह चोरी के फोन को तुरंत गाजियाबाद में ग्रे मार्केट में बेच देता था. पुलिस अब इस रैकेट में शामिल अन्य सप्लायरों और खरीदारों की तलाश कर रही है.
कैसे महंगे मोबाइल को GPS, Wi-Fi, ब्लूटूथ और नेटवर्क सिग्नल से दूर करते थे?
दिल्ली पुलिस के इस खुलासे से इंटर-स्टेट मोबाइल चोर गिरोह की पहुंच का पता चलता है. पुलिस ने इनके कब्जे से 40 मोबाइल बरामद किए हैं, जो बताते हैं कि iPhone 17 Pro Max, iPhone 16 series, iPhone 15, iPhone 14 Pro और Samsung के महंगे फोन को निशाने बनाते थे. चोरों के पास से OnePlus, Vivo, Oppo, Redmi, POCO, Motorola के कई अन्य महंगे मॉडल के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में गैंग लीडर सलमान ने बताया कि वह अपने खर्च पूरे करने के लिए हाई-एंड फोन चोरी करने वाला गैंग चलाता था. हमारे लोग सिर्फ भीड़भाड़ वाले स्थानों में खासकर कॉन्सर्ट, मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शराब की दुकानों के बाहर सबसे ज्यादा चोरी करते हैं. इन लोगों ने फोन ट्रेस होने से बचाने का तरीका भी सीख रखा था. गैंग चोरी के तुरंत बाद iPhones को एल्युमिनियम फॉयल में लपेट देता था, जिससे फोन के GPS, Wi-Fi, ब्लूटूथ और नेटवर्क सिग्नल पूरी तरह ब्लॉक हो जाते थे. इससे Find My iPhone और अन्य ट्रैकिंग फीचर्स काम नहीं करते थे.