कौन हैं यूपी सरकार के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह, जिनका प्रदेश अध्यक्ष की रेस में चल रहा नाम
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UP Mantri Dharmpal Singh: आंवला से विधायक और यूपी सरकार में पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम बीजेपी के संभावित प्रदेश अध्यक्ष की रेस में माना जा रहे है. 1996 से राजनीति में सक्रिय धर्मपाल सिंह स्नातकोत्तर, एलएलबी, बीएड हैं. संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक पकड़ के चलते पार्टी में उनका कद मजबूत माना जाता है.
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है. इसको लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज है. इस दौड़ में योगी सरकार में पशुपालन मंत्री और आंवला विधानसभा सीट से विधायक धर्मपाल सिंह का नाम भी सामने आ रहा है. संगठन और सरकार दोनों में लंबे अनुभव के चलते उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है. आइए जानते हैं यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह के बारे में
लोधी समुदाय से रखते हैं ताल्लुक
धर्मपाल सिंह का जन्म 15 जनवरी 1953 को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के गुलडिया गौरीशंकर गांव में हुआ. उनके पिता का नाम मिश्री सिंह है. वह पिछड़ी जाति (लोधी-राजपूत) समुदाय से आते हैं. वर्तमान में उनका मुख्य निवास ग्राम गुलडिया गौरीशंकर, पोस्ट बड़ा गांव, जिला बरेली में है.
शैक्षिक योग्यता
शिक्षा के क्षेत्र में भी धर्मपाल सिंह की मजबूत पृष्ठभूमि रही है. उन्होंने स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएशन), एलएलबी और बीएड की पढ़ाई की है. वर्ष 1970 में उनका विवाह वन्दना देवी से हुआ. उनके तीन पुत्र हैं. वह खेती किसानी से भी जुड़े रहते हैं. जिस कारण उनको जमीनी स्तर के नेता के रूप में भी जाना जाता है.
1996 में पहली बार बने विधायक
धर्मपाल सिंह का राजनीतिक सफर वर्ष 1996 से शुरू हुआ, जब वह पहली बार विधायक बने. इसके बाद उन्होंने संगठन और सरकार में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई. वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश सरकार में पशुपालन मंत्री हैं और बरेली जिले की आंवला विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
संगठनात्मक अनुभव
सामाजिक समीकरणों पर पकड़ और प्रशासनिक कार्यशैली के चलते धर्मपाल सिंह को प्रदेश नेतृत्व की रेस में एक अहम चेहरा माना जा रहा है. ऐसे में अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें नई जिम्मेदारी देता है, तो यह 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए एक बड़ा रणनीतिक फैसला माना जाएगा.
बता दें कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल पूरा हो चुका है. पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नया प्रदेश नेतृत्व स्थापित करना चाहती है. नामांकन प्रक्रिया के बाद 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा होने की संभावना है. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में तैयारियां तेज हैं और कार्यकर्ताओं में नए अध्यक्ष को लेकर उत्सुकता चरम पर है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें