महिलाओं की कारीगरी, सुनीता का कमाल! दुबई तक पहुचा बैग का कारोबार, सालाना 10 करोड़ है टर्नओवर

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महिलाओं की कारीगरी, सुनीता का कमाल! दुबई तक पहुचा बैग का कारोबार, सालाना 10 करोड़ है टर्नओवर


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Sunita Gambhir’s Success Story : नोएडा की उद्यमी सुनीता गंभीर ने महिलाओं की कारीगरी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है. उनके नेतृत्व में तैयार हैंडमेड बैग आज दुबई समेत कई विदेशी बाजारों तक पहुंच चुके हैं और यह कारोबार सालाना करीब 10 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहा है, जिससे दर्जनों महिलाओं को स्थायी रोजगार मिल रहा है.

नोएडा : मेहनत, धैर्य और सही योजना से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता इस कहावत को दिल्ली निवासी उद्यमी दिनेश गंभीर ने सच कर दिखाया है. करीब 30 साल पहले उन्होंने नोएडा सेक्टर-6 में एक छोटी-सी हैंडीक्राफ्ट यूनिट से अपने कारोबार की शुरुआत की थी. उस समय हैंडीक्राफ्ट का बाजार बेहद सीमित था, लेकिन उन्होंने हालात से समझौता नहीं किया. आज वही यूनिट टच टू इंडिया वेयरहाउस के नाम से एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बन चुकी है.

कंपनी की निदेशक सुनीता गंभीर बताती हैं कि इस यूनिट से फिलहाल 28 से 30 महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं. इनमें से कई महिलाओं के पास हुनर तो था, लेकिन उन्हें अपनी कला दिखाने का मंच नहीं मिल पा रहा था. आज ये महिलाएं अपनी कारीगरी के जरिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारतीय हस्तशिल्प की पहचान बना रही हैं.

 हाथ से बनाया जाता है उत्पाद
सुनीता गंभीर ने बताया कि कंपनी में मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा हैंडमेड बैग, कॉस्टर, प्लेसमैट, पाउच जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं. हर डिजाइन पूरी तरह हाथ से बनाया जाता है, जिसकी वजह से इन प्रोडक्ट्स की खास पहचान बन गई है. टच टू इंडिया के उत्पाद यूएसए, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट सहित कई देशों में ऑर्डर के आधार पर एक्सपोर्ट किए जाते हैं. भारत सरकार द्वारा पिछले एक दशक में हैंडीक्राफ्ट उद्योग को दिए गए प्रोत्साहन का भी कंपनी को बड़ा लाभ मिला है.

सालाना 10 करोड़ है कंपनी का टर्न ओवर
सुनीता कुमारी के अनुसार, आज कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि पहले हैंडीक्राफ्ट को केवल पारंपरिक उत्पाद के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बन चुका है. कंपनी में ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं के साथ-साथ घर से काम करने वाली महिलाओं को भी रोजगार दिया जाता है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.

300 रुपये से शुरू है बैग की कीमत
कंपनी के उत्पादों की कीमत भी खासा आकर्षण का केंद्र है.यहां तैयार होने वाले बैग 300 रुपये से शुरू होकर कई हजार रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं. ग्राहकों की मांग के अनुसार गोल्डन डिजाइन से लेकर कैरेट आधारित कस्टम डिजाइन वाले बैग भी तैयार किए जाते हैं. यानी ग्राहक जितने कैरेट का गोल्ड फिनिश चाहता है, उसी अनुरूप डिजाइन विकसित किया जाता है.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

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