‘अगर हम गोंड नहीं हैं तो प्रशासन बताए, हम क्या हैं’, जाति प्रमाण पत्र न बनने पर फूटा समाज का गुस्सा
मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में एक ऐसी जाति है, जिसका जाति प्रमाण पत्र न बनने से लोग परेशान हैं. छात्र-छात्राओं का कहना है कि साहब न नौकरी मिल रही, ना स्कॉलरशिप मिल रहा है. हमारा भविष्य कैसे बनेगा. यह आरोप लगाते हुए दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राएं जिलाधिकारी के पास पहुंच गए और अपनी फरियाद उन तक पहुंचाई.
लोकल 18 से बात करते हुए अखिल भारतीय गोंड महासभा के कोषाध्यक्ष रवि बताते हैं कि कई महीने से तहसील परिसर का चक्कर लगाया जा रहा है, लेकिन हम लोगों की जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाई जा रही है, जिससे हमारे परिवार के बच्चों का भविष्य अंधेरे में पड़ा है. जाति प्रमाण पत्र न बनने से ना स्कॉलरशिप आ रही है और ना ही कहीं नौकरी लग रही है. सारे डॉक्यूमेंट देने के बाद भी प्रशासन की ओर से जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है, जिससे काफी परेशानियां हो रही है. उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की कोई व्यवधान आ रहा है तो सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कर दिया जाए, जिससे जाति प्रमाण पत्र बनाना शुरू हो जाए.
स्कॉलरशिप और नौकरी में दिक्कत
मुस्कान गोंड़ बताती हैं कि जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए हम लोग लगातार कई महीने से धरना कर रहे हैं, लेकिन हम लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है. हमने धरना प्रदर्शन किया, लेकिन यह हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं. यहां के प्रशासन का कहना है कि हम लोग गोंड़ जाति नहीं हैं तो हम लोग क्या हैं, यहां का प्रशासन ही बता दे. यदि हम लोगों की जाति प्रमाण पत्र नहीं बनती है तो क्या हम लोग बेरोजगार रहने के लिए यहां आए हैं, क्योंकि बिना जाति प्रमाण पत्र के ना स्कॉलरशिप आ रही है और ना ही कहीं कोई वैकेंसी में हम भाग ले पा रहे हैं, जिससे हमें नौकरी भी नहीं मिल रही है.
जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने पर अनशन पर बैठेगा समाज
अनुष्का गोंड़ बताती है कि लगातार वह जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन ना ही जाति प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है और ना ही स्पष्ट कारण बताया जा रहा है. जाति प्रमाण पत्र न होने से पूरी समस्याएं बनी हुई हैं. यदि एक सप्ताह में जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जाता है तो हम बड़े आंदोलन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे. 2014 में जाति प्रमाण पत्र बनाया गया था तो अब क्यों नहीं बनाया जा रहा हैं.
ग्राम प्रधान होते हुए भी नहीं बनवा पा रहे जाति प्रमाण पत्र
ओमप्रकाश गोंड़ बताते हैं कि वर्तमान में वह एसटी सीट से तवक्कलपुर ग्राम सभा से प्रधान हैं, लेकिन प्रधान रहते हुए भी वह अपने बच्चों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं, क्योंकि प्रशासन की ओर से जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है, जिससे हमारे बच्चों का भविष्य अंधेरे में दिख रहा है. यदि हमारे समाज के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया जाता है तो हम सभी समाज के लोग बड़े आंदोलन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे, क्योंकि जाति प्रमाण पत्र न बनने से ना नौकरी मिल रही है और ना ही स्कॉलरशिप मिल रही है. ऐसे में हम लोग जाए तो कहां जाए.