बुलडोजर भी चलेगा, फिर मत चिल्लाना.. विधानसभा में CM योगी आदित्यनाथ ने क्यों कही ये बात
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UP Vidhan Sabha Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कफ सिरप केस में सियासी टकराव हो गया. सदन में सपा विधायक अतुल प्रधान ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कफ सिरप केस में अब किसी आरोपी पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. सपा विधायक के सवाल का जवाब देते हुए सीएम योगी संसद में गरजे है.
लखनऊ: यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को कफ सिरप विवाद सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना है. समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए है. उन्होंने कहा कि लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी से कफ सिरप का भारी जखीरा बरामद हुआ था, जांच एसटीएफ को दी गई, लेकिन अठारह महीने बीत जाने के बाद भी उसका नतीजा सामने नहीं आया. अतुल प्रधान ने दावा किया कि सरकार इस मामले में हाथ डालना ही नहीं चाहती क्योंकि सत्ता के बेहद करीब बैठे लोग इससे जुड़े हैं. अतुल प्रधान ने यह भी सवाल किया कि अब बुलडोजर कब चलेगा? उन्होंने यह भी कहा कि कफ सिरप के अवैध धंधे में जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उन तक सरकार के हाथ पहुंच ही नहीं रहे.
उनके आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष सवाल उठा रहा है कि कार्रवाई नहीं हो रही, इंतजार कीजिए, बुलडोजर की भी तैयारी है उस वक्त बस चिल्लाना मत. सीएम योगी ने कहा कि कफ सिरप को लेकर विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैला रहा है. योगी ने स्पष्ट किया कि यूपी में कोडीन कफ सिरप से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है और सपा नेता उम्र के इस पड़ाव पर भी झूठ बोलने को मजबूर किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कफ सिरप के जो लाइसेंस है, उन्हें वर्ष 2016 में सपा सरकार ने ही जारी किया था, इसलिए आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई हक विपक्ष के पास नहीं है.
योगी ने दावा किया कि जिस मामले को लेकर विपक्ष हल्ला मचा रहा है, उसमें कार्रवाई भी सरकार ने ही की. अब तक 225 लोगों को नामजद किया गया, 78 गिरफ्तार हो चुके हैं और 134 ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत सरकार ने अदालत में मुकदमा लड़ा और फैसला भी जीता है. उन्होंने यह भी कहा कि कोडीन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में नहीं होता है, बल्कि जिन मौतों का हवाला दिया जा रहा है, वे अन्य राज्यों में हुई हैं. तमिलनाडु में बने एक सिरप से समस्या की शुरुआत हुई थी, और यह पूरा मामला अवैध सप्लाई चैन और डायवर्जन का है, जिसमें गाजियाबाद, वाराणसी, सहारनपुर और लखनऊ जैसे शहरों में निगरानी बढ़ाई गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कफ सिरप की सप्लाई वहां तक पहुंचाई गई, जहां शराब बंद है और नशे के आदी लोग हैं. योगी ने सदन में दो टूक कहा कि कोई भी दोषी बचेगा नहीं, इंतजार कीजिए बुलडोजर भी चलेगा, तब कोई चिल्लाना नहीं. इस जवाब के बाद सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तल्खी और बढ़ गई, जिससे कफ सिरप विवाद राजनीतिक टकराव के नए दौर में पहुंच गया है.
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