भू-माफिया अखिलेश गिरफ्त में, अब भाई-बेटी पर कानपुर पुलिस का शिकंजा, 25000 का इनाम घोषित
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Kanpur News: कानपुर के अधिवक्ता और कथित भू-माफिया अखिलेश दुबे के खिलाफ एक्शन के बाद अब पुलिस ने उसकी बेटी और भाई पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. बता दें कि अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद बेटी और भाई फरार हैं.
कानपुर: कानपुर के चर्चित अधिवक्ता और कथित भू-माफिया अखिलेश दुबे का नाम इन दिनों पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई अब सिर्फ अखिलेश दुबे तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों तक पहुंच गई है. ताजा कार्रवाई में पुलिस ने अखिलेश दुबे की बेटी और भाई पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. यह मामला जमीन कब्जाने, फर्जी दस्तावेज और साजिश से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है.
बता दें कि अखिलेश दुबे कानपुर का रहने वाला एक अधिवक्ता है. लंबे समय तक वह वकालत के पेशे में सक्रिय रहा, लेकिन धीरे-धीरे उसका नाम विवादों में आने लगा. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अखिलेश दुबे पर जमीन कब्जाने, लोगों को डराने-धमकाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने जैसे गंभीर आरोप हैं. कहा जा रहा है कि उसने कानून की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर अपना प्रभाव बढ़ाया और एक संगठित गिरोह खड़ा कर लिया.
कैसे शुरू हुआ अपराधों का सिलसिला
बताया जाता है कि अखिलेश दुबे की आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत 90 के दशक में हुई. शुरुआत में वह पुलिस के लिए मुखबिरी करता था, लेकिन बाद में उसने खुद का नेटवर्क तैयार कर लिया. आरोप है कि उसने जमीन विवादों में दखल देना शुरू किया और धीरे-धीरे कीमती जमीनों पर कब्जा जमाने लगा. कई मामलों में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए और असली मालिकों को कानूनी मामलों में उलझाया गया.
हनी ट्रैप और फर्जी मुकदमों के आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आए हैं कि अखिलेश दुबे ने हनी ट्रैप का सहारा लिया. इसके जरिए लोगों को फंसाकर उन पर गंभीर आरोपों वाले मुकदमे दर्ज कराए जाते थे और बाद में समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी. कुछ मामलों में राजनीतिक और रसूखदार लोगों को भी निशाना बनाया गया, जिससे मामला और गंभीर होता चला गया.
बेटी और भाई पर इनाम क्यों
अखिलेश दुबे इस समय जेल में बंद है, लेकिन उसकी बेटी सौम्या दुबे और भाई सर्वेश दुबे फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों पर सिविल लाइंस इलाके में स्थित आगमन गेस्ट हाउस की वक्फ जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जाने का आरोप है. इस मामले में ग्वालटोली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. बार-बार दबिश के बावजूद दोनों नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया. इस पूरे मामले की जांच अब एसआईटी कर रही है. जांच में अखिलेश दुबे की ओर से बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित करने और कई जमीनों पर कब्जा करने की बात सामने आई है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.