काम की तलाश में सुबह, मायूसी के साथ शाम; पाठा क्षेत्र के मजदूरों की पीड़ा, रोज़गार के लिए पलायन को मजबूर मजदूर

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काम की तलाश में सुबह, मायूसी के साथ शाम; पाठा क्षेत्र के मजदूरों की पीड़ा, रोज़गार के लिए पलायन को मजबूर मजदूर



Chitrakoot Latest News : सर्दी का मौसम जैसे-जैसे अपने चरम पर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे रोज़ कमाने-खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित है, लेकिन सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है. छोटे दिन, कम काम और बढ़ती बेरोजगारी ने उनके सामने रोज़ी-रोटी का गहरा संकट खड़ा कर दिया है.



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