UP में 2027 में फाइनल, 26 में 4 सेमिफाइनल… कौन होगा इसका चैंपियन?
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उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 10 सीटें इस साल खाली होने वाली है. ये पूरा चुनाव अप्रैल से लेकर नवंबर के बीच अलग-अलग फेज में होगा. राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायक करते हैं और यूपी में कुल 403 विधायक हैं.
लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में अब फाइनल मैच की तैयारी चल रही है. फाइनल मैच यानी कि 2027 का विधानसभा चुनाव. लेकिन इस विधानसभा चुनाव से पहले सूबे के राजनीतिक दलों को चार सेमी फाइनल खेलना है. सेमी फाइनल यानी कि राज्यसभा, एमएलसी, पंचायत चुनाव और दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव. ये सभी चुनाव बीजेपी, इंडिया गठबंधन और बसपा के लिए ताकत दिखाने का सबसे अहम जरिया है. इन चुनावों से इस बात का अंदाजा लग सकता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कौन कितना पानी में होगा. ये सभी चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का एक रिहर्सल भी है.
राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 10 सीटें इस साल खाली होने वाली है. ये पूरा चुनाव अप्रैल से लेकर नवंबर के बीच अलग-अलग फेज में होगा. राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायक करते हैं और यूपी में कुल 403 विधायक हैं. ऐसे में यूपी की सियासी गणित काफी अहम है. राज्यसभा चुनाव में बीजेपी और सपा के बीच मेन मुकाबला होगा. अगर बीजेपी इन 10 सीटों में जितनी अधिक सीटें जीतेगी, उतना ही राज्यसभा में मौजूद होगी. दरअसल, बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, गीता शाक्य, डॉ. हरदीप पुरी, रामजी गौतम, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बीएल वर्मा, प्रोफेसर रामगोपाल यादव की सीटें 2026 में खाली होंगी.
एमएलसी चुनाव में भी दिखेगी ताकत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में कुल 11 एमएलसी सीटों पर इस साल चुनाव होंगे. ये चुनाव स्नातक और शिक्षक के वोटर द्वारा ही होते हैं. ये सीटें विधानपरिषद की कुल 100 सदस्यों में महत्वपूर्म हैं. शिक्षक क्षेत्र में 6 और स्नातक क्षेत्र में 5 सीटें हैं. राजनीतिक दल विधानपरिषद में भी अपने आप को मजबूत करने की कोशिश करेंगी.
पंचायत चुनाव
उत्तर प्रदेश का पंचायत चुनाव सबसे बड़ा चुनाव होने वाला है. संभावना जताई जा रही है कि ये अप्रैल से जुलाई के बीच हो सकता है. ग्राम पंचायत में लगभग 58,000 ग्राम प्रधान का चुनाव होगा. ब्लॉक स्तर पर क्षेत्र पंचायत के हजार सदस्यों के पद खाली हैं. इसके अलावा सभी जिलों में सदस्य और अध्यक्ष पद का चुनाव होने वाला है. इस तरह से कुल मिलाकर लाखों पदों पर चुनाव होंगे. इस चुनाव के जरिए ग्रामीण स्तर पर पार्टियों को खड़ा होने का मौका मिलेगा.
दो सीटों पर उपचुनाव
2026 में उत्तर प्रदेश विधानसभा की दो सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. एक मऊ के घोसी विधानसभा सीट पर होगा तो दूसरा चुनाव बरेली के फरीदपुर सीट पर होगा. यह दोनों ही सीटें मौजूदा विधायकों के निधन के बाद खाली हुई हैं. मऊ के घोसी विधानसभा सीट से सुधाकर सिंह के निधन के बाद सीट खाली हुई है. सपा ने इसपर सुधाकर सिंह के बेटे को अपने उम्मीदवार के तौर पर उतारा है. बता दें कि इन सभी चुनावों से बीजेपी अपनी सत्ता की सफलता दिखाएगी तो वहीं सपा, बसपा, कांग्रेस विपक्षी एकता के साथ चुनौती देंगे. इन चार चुनावों से जाहिर है की 2026 हलचल वाला होगा, जो 2027 के बड़े फैसले की नींव रखेगा.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें