UP में SIR प्रक्रिया पूरी, अब नए नामों को जुड़वाने का आज से खुला मौका, ऐसे करवाएं लिस्ट में शामिल

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UP में SIR प्रक्रिया पूरी, अब नए नामों को जुड़वाने का आज से खुला मौका, ऐसे करवाएं लिस्ट में शामिल


कानपुर: जिले में मतदाता सूची को और अधिक सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान पूरे जोर-शोर से चल रहा है. इसी क्रम में जनपद में मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल को आम लोगों के सामने रखकर फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए. जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि 6 जनवरी को उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जा चुका है. इसके बाद 11 जनवरी से सभी बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के साथ मौजूद हैं. आम नागरिक अपने नजदीकी बूथ पर जाकर अपना नाम आसानी से जांच सकते हैं.

नाम नहीं है तो घबराएं नहीं, फॉर्म-6 से होगा समाधान

यदि किसी पात्र नागरिक का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नया नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है. यह आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह से किया जा सकता है. ऑनलाइन आवेदन के लिए voter.eci.gov.in पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप की सुविधा उपलब्ध है. आवेदन के बाद संबंधित बीएलओ द्वारा नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा. खास बात यह है कि मोबाइल नंबर लिंक होने पर एक ही बार में पूरे परिवार के नाम भी देखे जा सकते हैं.

ड्राफ्ट लिस्ट में नाम देखना अब और आसान

जिन मतदाताओं ने अपना मोबाइल नंबर पहले से मतदाता सूची से जोड़ रखा है, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप पर नंबर डालकर परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक साथ देख सकते हैं. जिनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे भी पोर्टल पर जाकर नाम खोज सकते हैं. यदि जांच के बाद भी नाम सूची में न मिले, तो फॉर्म-6 भरना जरूरी होगा.

पुराने रिकॉर्ड से आसान होगा सत्यापन

अगर आवेदक का या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी में से किसी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज रहा है, तो उसका विवरण देने से सत्यापन प्रक्रिया और भी सरल हो जाती है. इससे नाम जोड़ने में समय कम लगता है. जिन मतदाताओं की फोटो स्पष्ट नहीं है या जो “नो मैपिंग” की श्रेणी में आते हैं, वे सीधे अपने बूथ पर मौजूद बीएलओ से संपर्क कर सुधार करा सकते हैं.

जन्म-तिथि के अनुसार दस्तावेज जरूरी

1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे नागरिक: 13 वैध पहचान पत्रों में से कोई एक.
1 जुलाई 1987 से दिसंबर 2004 के बीच जन्मे: स्वयं का दस्तावेज + माता या पिता में से किसी एक का.
2004 के बाद जन्मे नागरिक: स्वयं और माता-पिता, तीनों के दस्तावेज अनिवार्य.

अभियान के तहत जीजीआईसी चुन्नीगंज, कैलाशनाथ इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख केंद्रों पर बीएलओ की सक्रिय मौजूदगी देखी जा रही है. एसडीएम स्तर के अधिकारी भी लगातार निगरानी कर रहे हैं.



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