झांसी रेलवे स्टेशन की 146 साल पुरानी ऐतिहासिक बिल्डिंग को बचाने की मुहिम हुई तेज, जानिए मामला

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झांसी रेलवे स्टेशन की 146 साल पुरानी ऐतिहासिक बिल्डिंग को बचाने की मुहिम हुई तेज, जानिए मामला


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Jhansi News: झांसी रेलवे स्टेशन की ऐतिहासिक किलेनुमा इमारत को तोड़कर नया हाईटेक भवन बनाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है. कांग्रेस, सपा सहित कई दलों और संगठनों ने विरासत बचाने की मांग की है. नेताओं का सुझाव है कि पुरानी इमारत को सुरक्षित रखते हुए अलग जगह पर नया स्टेशन बनाया जाए.

झांसी रेलवे स्टेशन के ऐतिहासिक भवन की जगह दूसरा हाईटेक भवन बनाने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर झांसी में प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के नेताओं की केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. यूपीए सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन और समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने ऐतिहासिक भवन की जगह  नए आधुनिक भवन नहीं बनने की जोरदार वकालत की है. अलग अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार को बुंदेलखंड की इस ऐतिहासिक किलेनुमा भवन के साथ दूसरी जगह पर नया आधुनिक रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग बनाने की सलाह दी है.

 किसी भी हाल में नहीं टूटना  चाहिए ऐतिहासिक भवन

झांसी के राजनीतिक दलों के अलावा समाजसेवी, वरिष्ठ नागरिक, वकीलों के साथ-साथ तमाम अन्य संगठनों ने केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ अलग-अलग तरीके से अपना विरोध जताते हुए झांसी रेलवे स्टेशन की इस ऐतिहासिक किलेनुमा बिल्डिंग को बचाने की मुहिम तेज कर दी है. साल 1880 के दशक में किले जैसे शानदार तरीके से ब्रिटिश सरकार ने इस रेलवे स्टेशन की नीव रखी थी. 1 जनवरी 1889 को झांसी रेलवे स्टेशन की भव्य इमारत का शुभारंभ किया गया था. बुंदेली वास्तु कला का प्रभाव साफ तौर से रेलवे स्टेशन की इस ऐतिहासिक बिल्डिंग में दिखता है. इस बिल्डिंग को किले और महलों जैसी शैली में बनाया गया.

किलेनुमा बिल्डिंग का स्ट्रक्चर बना यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र

झांसी रेलवे स्टेशन की यह ऐतिहासिक बिल्डिंग रेल यातायात के नाम पर जितनी पहचान बनाने में कामयाब हुई, उससे कहीं अधिक पहचान स्थानीय लोगों के अलावा यात्रियों ने ऐतिहासिक बिल्डिंग के आगे अपनी फोटो खिंचवाकर, सेल्फी  लेकर देश और विदेश में इसकी पहचान बनाने का काम किया.  साल 2021 में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद झांसी रेलवे स्टेशन को वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन नाम दिया गया. केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे ने झांसी रेलवे स्टेशन के इस ऐतिहासिक भवन की जगह जैसे ही नया आधुनिक भवन बनाने का फैसला किया, इसके बाद इस फैसले को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया.

 पुरानी बिल्डिंग के साथ-साथ नई बिल्डिंग को बनाने की पुरजोर वकालत

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव के साथ-साथ दर्जनों लोगों ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन बिल्डिंग के पश्चिम में काफी जगह पड़ी हुई है. जहां रेलवे स्टेशन का नया आधुनिक भवन बन सकता है. इसके अलावा इस रेलवे स्टेशन के महलनुमा भवन के थोड़ा सा आगे भी काफी जमीन पड़ी है जहां रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग आसानी से बनाई जा सकती है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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