IAS Couple: सूर्य प्रताप सिंह पहले खुद आईएएस बने, फिर पत्नी को भी बनाया अफसर, बिहार के पावर कपल की गजब कहानी
Last Updated:
IAS Couple: बिहार कैडर के आईएएस सूर्य प्रताप सिंह और कल्पना रावत की यूपीएससी स्टोरी बहुत चर्चित है. आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अपनी पत्नी कल्पना रावत के यूपीएससी सफर में उनका जो साथ निभाया, वह तारीफ के काबिल है.
नई दिल्ली (IAS Couple). यूपीएससी की दुनिया में सफलता की कई कहानियां हैं. उनमें से आईएएस सूर्य प्रताप सिंह और उनकी पत्नी कल्पना रावत की दास्तां ‘साझा संघर्ष’ की मिसाल है. यह सक्सेस स्टोरी केवल दो अधिकारियों की नहीं, बल्कि एक ऐसे हमसफर की है, जिसने अपनी पत्नी के सपनों को अपनी आंखों से देखा. उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह ने साल 2021 में 258वीं रैंक के साथ अपनी मेधा का लोहा मनवाया था. वह बिहार के समस्तीपुर जिले में डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) के पद पर तैनात हैं.
आईएएस कपल: मेंटरशिप और मुकाम की रची कहानी
कल्पना रावत का जन्म हरियाणा के सोनीपत जिले के जज्जल गांव में हुआ था. उनकी परवरिश दिल्ली के नजफगढ़ में हुई. वह बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं. स्कूल में वह हाउस कैप्टन होने के साथ-साथ NSS की सदस्य भी थीं. उन्हें नेशनल-लेवल क्रिएटिव राइटिंग में पुरस्कार भी मिल चुका है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (Hons) में स्नातक किया. उनके पति सूर्य प्रताप सिंह ने भी अपनी शिक्षा के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और यूपीएससी की तैयारी को ही अपना जुनून बनाया.
कमाल है यूपीएससी सक्सेस स्टोरी
सूर्य प्रताप सिंह (आईएएस 2021): सूर्य प्रताप सिंह ने साल 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में 258वीं रैंक हासिल की थी (Surya Pratap Singh IAS). यूपीएससी कंबाइंड डिफेंस सर्विस (CDS) के तहत भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में भी उनका सेलेक्शन हुआ था. हैदराबाद में ट्रेनिंग के दौरान गंभीर चोटों के कारण उन्हें साल 2017 में ट्रेनिंग प्रोग्राम छोड़कर घर लौटना पड़ा था.
कल्पना रावत (आईएएस 2025): आईएएस कल्पना रावत का यूपीएससी सफर लंबा रहा (Kalpana Rawat IAS). चार बार असफल होने के बाद उन्होंने 2023 की परीक्षा में अपने 5वें प्रयास में सफलता का परचम लहराया. यूपीएससी 2024 परीक्षा में उन्होंने 78वीं रैंक हासिल की थी. उनका यूपीएससी रिजल्ट उनके पति से बेहतर था. ट्रेनिंग के बाद वह भी आईएएस अफसर बन जाएंगी.
‘होम-कोचिंग’ की गजब मिसाल
आईएएस सूर्य प्रताप सिंह अपनी सख्त कार्यशैली और विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं. समस्तीपुर से पहले वह सासाराम में बतौर एसडीएम तैनात रह चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अपनी व्यस्त ड्यूटी के बाद वह घर आकर कल्पना रावत के लिए ‘पर्सनल कोच’ की भूमिका निभाते थे. उन्होंने अपनी पत्नी कल्पना रावत को उत्तर लेखन की तकनीक सिखाई और उन विषयों पर घंटों चर्चा की, जहां कल्पना को मुश्किल आ रही थी. आज बिहार के प्रशासनिक गलियारों में यह जोड़ा ‘रोल मॉडल’ बन चुका है.
इन दोनों की मुलाकात का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. लेकिन माना जा रहा है कि दोनों की मुलाकात यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के दौरान ही हुई थी.
About the Author

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें