काशी के मणिकर्णिका घाट का मंदिर क्यों टूट रहा, क्या मूर्तियां सच में हुईं क्षतिग्रस्त? वायरल वीडियो का जानें पूरा सच
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Varanasi manikarnika ghat Ground Report: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि मणिकर्टिका घाट को तोड़ा जा रहा है. लोकल 18 की टीम ने ग्राउंड पर जाकर असल सच्चाई का पर्दाफाश किया और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई का पता चलाया. आइए जानते हैं कि क्या सच में मणिकर्टिका घाट को तोड़ा जा रहा है.
वाराणसी: धर्म नगरी काशी मंदिरों का शहर है. यहां के घाटों और गलियों में कई प्राचीन मंदिर है, जहां हर रोज श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर काशी के घाट पर मंदिर तोड़े जानें का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि घाट किनारे एक प्राचीन मंदिर पर विकास का बुलडोजर चल गया है. लोग Save Banaras हैशटैग के साथ इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. इस वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है, आइए जानते हैं.
जल चढ़ाते थे श्रद्धालु
Local-18 की टीम जब मणिकर्णिका घाट पहुंची, तो घाट से मलबे को हटाया जा चुका था. हालांकि पत्थरों के थोड़े अवशेष अब भी वहां मौजूद थे. स्थानीय लोगों में आक्रोश था. स्थानीय राहुल मिश्रा ने बताया कि ये उनके नाना छन्नन गुरु की मणि थी. यहां लोग गंगा स्नान के बाद जल चढ़ाते थे और रानी अहिल्याबाई होल्कर को प्रणाम भी करते थे, लेकिन आनन-फानन में इसे तोड़ दिया गया. उन्होंने दावा किया कि यह मणि सैकड़ो साल पुरानी थी. वहीं एक अन्य स्थानीय आलोक ने बताया कि वो भी इस मणि में स्नान के बाद पूजा आराधना करते थे. इस मणि के नीचे कुल 3 मूर्तियां थीं.
ये है स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि जब मणिकर्णिका घाट का पुनः निर्माण होगा, तो वापस से इस मणि को स्थापित कर यह जगह जिसके स्वामित्व में है, उसे वापस से सौंपा जाएगा और रानी अहिल्याबाई की प्रतिमा सहित अन्य प्रतिमा को वापस से वहां स्थापित कराया जाएगा. बताते चलें कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने ही काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनः निर्माण कराया था. उन्होंने देश में अनेकों मंदिर भी बनवाए हैं, लेकिन अब काशी में उनकी प्रतिमा ही तोड़ी गई है.
प्रतिमा होगी संरक्षित
हालांकि इस पूरे मामले में अब प्रशासन भी बैकफुट पर है. अफसर भी ये मान रहे हैं कि निर्माण करने वाली कारदाई संस्था के काम कर रहे मजदूरों से गलती हुई है. डीएम सतेंद्र कुमार ने बताया कि जो प्रतिमा क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे संरक्षित किया जाएगा और घाट के पुनः निर्माण के काम के बाद उसे वापस स्थापित भी करेंगे. इस बीच इसको लेकर राजनीति भी गरमाई हुई है. अलग-अलग संगठन के लोग इसको लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.