हादसे पर हादसे हुए, लेकिन सिस्टम सोता रहा! जहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने तोड़ा दम, वहां पहले भी हुई दुर्घटना

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हादसे पर हादसे हुए, लेकिन सिस्टम सोता रहा! जहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने तोड़ा दम, वहां पहले भी हुई दुर्घटना


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Greater Noida Car Accident: ग्रेटर नोएडा में हुए कार हादसे को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है. स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहां पहले भी हादसे हुए हैं, लेकिन सिस्टम सोता रहा और अब यह बड़ी दुर्घटना हो गई. वहीं अब हादसे में जान गवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर को न्याय दिलाने के लिए लोग कैंडल मार्च निकालेंगे.

ग्रेटर नोएडा हादसा

ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को हुए कार हादसे में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान चली गई. युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने न तो सर्विस रोड पर रिफ्लेक्टर लगाए थे और न ही नालियों को ढका था. पिता ने कहा कि घने कोहरे में रिफ्लेक्टर ना होने के कारण उनके बेटे की जान गई है. यहां बचाव के साधन नहीं थे, सिस्टम की कमी ने मेरे बेटे की जान ली.

वहीं अब धीरे-धीरे मामले को लेकर कई और खुलासे हो रहे हैं. खबरों के अनुसार, जिस जगह युवराज मेहता की मौत हुई, वहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं. 31 दिसंबर की रात इसी स्थान पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर नाले में गिर गया था. हादसे की तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि ट्रक का आधा हिस्सा पानी में डूब गया था, जिसे बाहर निकालने में करीब दो दिन का समय लगा.

स्थानीय शख्स ने बताई हादसे की कहानी

इलाके के रहने वाले अभिनव ने 31 दिसंबर को हुए हादसे की पूरी कहानी बताई. उनका कहना है जो ट्रक यहां फंसा था, दो दिन बाद उसे निकाला गया. अगर उसी समय संबंधित अथॉरिटी ने सबक लेते हुए नाले को कवर करने और सुरक्षा इंतजाम करने की दिशा में कार्रवाई की होती, तो शायद आज युवराज मेहता की जान बचाई जा सकती थी. घटनास्थल के आसपास कई रिहायशी सोसाइटी हैं. यहां के निवासियों ने बीते कई महीनों से इस खुले नाले को कवर करने, स्ट्रीट लाइट लगाने और स्पीड ब्रेकर बनाने को लेकर लगातार शिकायतें की थीं.

इन शिकायतों पर इलाके के सांसद महेश शर्मा और विधायक तेजपाल सिंह नागर ने भी संबंधित अथॉरिटी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. इसके अलावा स्थानीय लोगों ने कई बार लिखित शिकायतें देकर इस खतरनाक जगह को सुरक्षित बनाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. वहीं मामले को लेकर जावेद ने कहा कि सेक्टर-150 में जिस जगह हादसा हुआ, अब वहां पर बैरिकेट्स लगा दिए गए हैं. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इससे पहले यहां पर किसी तरह का कोई संकेत या बैरिकेट्स नहीं थे.

न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च

वहीं अब ताजा जानकारी के अनुसार, अब युवराज मेहता की मौत के बाद इलाके में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है. युवराज मेहता को न्याय दिलाने और प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ रविवार की शाम 5 बजे कैंडल मार्च निकाला जाएगा. इस कैंडल मार्च में युवराज के पिता के शामिल होने की भी संभावना है. स्थानीय लोग बड़ी संख्या में इसमें शामिल होकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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जहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने तोड़ा दम, वहां पहले भी हुई दुर्घटना, अब खुल रहे राज



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