19 जनवरी को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य? क्या रखना चाहिए नाम, ज्योतिषी से जानिए सबकुछ

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19 जनवरी को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य? क्या रखना चाहिए नाम, ज्योतिषी से जानिए सबकुछ


अयोध्या: व्यक्ति के जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का गहरा प्रभाव रहता है. जन्म से लेकर मृत्यु तक ग्रह नक्षत्र का विशेष प्रभाव देखा जाता है. ज्योतिषी  के मुताबिक जब व्यक्ति का जन्म होता है, तो उस दौरान ग्रह नक्षत्र देखकर ही उसकी कुंडली और भविष्य का आकलन किया जाता है. ऐसी स्थिति में 19 जनवरी यानी कि आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चे कैसे होंगे. कैसा ग्रह नक्षत्र रहेगा. किस क्षेत्र में उन्नति करेंगे. कहां सावधान रहने की जरूरत है. इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताएंगे, तो चलिए जानते हैं .

अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित कल्कि राम के अनुसार 19 जनवरी का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष और फलदायी माना जा रहा है. इसी दिन से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, जो साधना, सिद्धि और विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वर्तमान समय में शनि देव और सूर्य ग्रह दोनों ही मकर राशि में विराजमान हैं, जिससे यह दिन और भी प्रभावशाली बन जाता है.

19 जनवरी को जन्म लेने वाले सभी बच्चे मकर राशि के अंतर्गत आएंगे, जिनके स्वामी शनि देव होंगे. शनि का प्रभाव अनुशासन, परिश्रम, धैर्य और कर्मशीलता का प्रतीक माना जाता है. प्रातः काल से लेकर मध्यान्ह तक तथा अगले दिन प्रातः तक जन्म लेने वाले बच्चे विशेष रूप से होनहार, ओजस्वी और जीवन में ऊँचाइयों को प्राप्त करने वाले माने गए हैं. ऐसे बच्चों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों से जूझने की शक्ति प्रबल होती है.

हालांकि पंडित कल्कि राम के अनुसार 19 जनवरी को अपराह्न 3:21 बजे से लेकर सायं 7:40 बजे तक का समय विशेष सावधानी का है. इस अवधि में मंगल की स्थिति के कारण जन्म लेने वाले बच्चे मूल नक्षत्र के प्रभाव में आएंगे. यदि इस समय में पुत्र का जन्म होता है, तो मंगल के बलवान होने के कारण उसके वैवाहिक जीवन में विभिन्न प्रकार की अड़चनें आ सकती हैं. वहीं यदि इस दौरान कन्या का जन्म होता है, तो वह अत्यंत भाग्यशाली, ओजस्वी और जीवन में सफलता प्राप्त करने वाली मानी जाती है.

इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों का नामकरण मकर राशि के अनुसार किया जाना शुभ रहेगा नक्षत्र के आधार पर उत्तराषाढ़ा या श्रवण नक्षत्र को विशेष महत्व दिया गया है. उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे बच्चों के लिए “भे”, “भो”, “ज”, “जी” अक्षरों से नाम रखना शुभ माना गया है. वहीं श्रवण नक्षत्र के अंतर्गत “खी”, “खू”, “खे”, “खो”, “गा”, “गी” अक्षरों से नामकरण करने की सलाह दी गई है.ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में जन्म लेने वाले बच्चे साधना, ज्ञान और आध्यात्मिक झुकाव वाले होते हैं. 19 जनवरी का यह संयोग न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि भविष्य निर्माण के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.



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