आज बच्चे को जन्म देने जा रही महिला, कैसा होगा उसका भविष्य? 21 जनवरी को किस समय है शुभ मुहूर्त
अयोध्या: मानव जीवन में व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक के घटनाक्रम ज्योतिष शास्त्र और ग्रह गोचर पर आधारित होता है. मानव जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का विशेष प्रभाव होता है. व्यक्ति के जन्म के साथ ही ग्रह नक्षत्र और कुंडली के आकलन के लिए ज्योतिष शास्त्र का विशेष योगदान माना जाता है. ऐसी स्थिति में हर कोई चाहता है कि आने वाला समय अच्छा रहे, सकारात्मक परिणाम देने वाला रहे, भविष्य में किसी प्रकार किसी को कोई परेशानी ना हो.
ऐसी स्थिति में अक्सर आपने देखा होगा जब व्यक्ति जन्म लेता है तो उस दौरान पंचांग देखा जाता है. पंचांग में ग्रह गोचर की स्थिति देखी जाती है. ऐसी स्थिति में आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चे का भविष्य कैसा रहेगा. किस क्षेत्र में उन्नति करेगा ग्रह गोचर की क्या चल रहेगी. नामकरण कैसे करें किस नाम पर बच्चों का नाम रखे इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताएंगे तो चलिए जानते हैं.
ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम ने क्या कहा
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार सनातन धर्म में संतान के जन्म का विशेष महत्व होता है और इसके साथ ही जन्म समय का पंचांग के आधार पर सूक्ष्म विश्लेषण किया जाता है. हिंदू धर्म में नामकरण से लेकर संस्कारों तक की सभी विधियां पंचांग, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती हैं. यही कारण है कि किसी विशेष तिथि पर जन्म लेने वाली संतान के स्वभाव, स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर ज्योतिषीय गणनाएं की जाती हैं.
धनिष्ठा नक्षत्र से हो रही इस दिन की शुरुआत
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि 21 जनवरी का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस दिन की शुरुआत धनिष्ठा नक्षत्र से हो रही है और राशि कुंभ रहेगी, जिसके स्वामी शनि देव माने जाते हैं. शनि देव को कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों के जीवन में परिश्रम और संघर्ष के साथ सफलता के योग बनते हैं.
ब्रह्म मुहूर्त में बच्चे का जन्म होना कैसा?
उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में यदि संतान का जन्म होता है तो ऐसे बच्चों को बचपन से लेकर लगभग सात वर्ष की आयु तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस अवधि में वे विभिन्न प्रकार की पीड़ाओं से भी प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए माता-पिता को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता होती है.
कौन सा समय है ठीक
सुबह 7:12 से दोपहर 12:52 के बीच जन्म लेने वाले जातक ओजस्वी, प्रतिभाशाली और होनहार होते हैं. इनका स्वभाव चंचल रहता है और ये जीवन में आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा रखते हैं. वहीं दोपहर 12:58 से शाम 4:38 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों पर मंगलकारी युति का प्रभाव रहता है, जिससे वे प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी बनते हैं. इस अवधि में यदि कन्या संतान का जन्म होता है तो वह अत्यंत होनहार मानी जाती है और उसके जन्म से परिवार में उन्नति और तरक्की के नए मार्ग खुलते हैं. ऐसी कन्या को पिता के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली माना जाता है.
किस अक्क्षर से हो नाम की शुरुआत
इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों की राशि कुंभ होगी. कुंभ राशि के अंतर्गत धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र आते हैं. धनिष्ठा नक्षत्र के नामाक्षर गा, गी, गु, गे, गो होते हैं, जबकि शतभिषा नक्षत्र के नामाक्षर गो, सा, सी, सू, से, सो माने गए हैं. इन अक्षरों के आधार पर बच्चे का नाम रखा जाना शुभ माना जाता है इन्हीं ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार गौरव, गिरीश, सौरभ और सोहम जैसे नाम इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों के लिए अत्यंत शुभ और सकारात्मक फल देने वाले माने जा सकते हैं.