गुनगुनी धूप के बीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व के ‘पोस्टर बॉय’ S3 का जलवा, सैलानियों को हुई शानदार साइटिंग
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Pilibhit Tiger Reserve S3 Tiger : बीते कई दिनों से तराई को अपनी आगोश में लिए घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ली है. रविवार को जैसे ही सूर्यदेव ने दर्शन दिए, पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नजारा ही बदल गया. धूप खिलते ही वनराज भी बाहर निकल आए. लंबे समय से बाघ के दीदार को तरस रहे सैलानियों के लिए उस वक्त रोमांच अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया, जब पीलीभीत टाइगर रिजर्व का ‘पो
Pilibhit Tiger Reserve S3 Tiger : उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है. बीते कई दिनों से तराई को अपनी आगोश में लिए घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद आखिरकार मौसम ने करवट ली है. रविवार को जैसे ही सूर्यदेव ने दर्शन दिए, पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नजारा ही बदल गया. धूप खिलते ही वनराज भी बाहर निकल आए. लंबे समय से बाघ के दीदार को तरस रहे सैलानियों के लिए उस वक्त रोमांच अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया, जब पीलीभीत टाइगर रिजर्व का ‘पोस्टर बॉय’ कहे जाने वाले S3 मेल बाघ अपनी पूरी शानो-शौकत के साथ दिखाई दिया.
धूप सेंकने निकला ‘पोस्टर बॉय’
बीते कई सप्ताह से लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को निराशा हाथ लग रही थी. बाघों की साइटिंग न के बराबर हो रही थी. लेकिन रविवार को जैसे ही धूप निकली, S3 मेल बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व की एक सफारी सड़क पर नजर आया. सैलानियों ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया. S3 मेल अपनी भारी-भरकम कद-काठी और रौबदार चाल के लिए जाना जाता है, जिसे इतने करीब से देखना किसी रोमांचक फिल्म के सीन जैसा था.
S3 बाघ को ‘पोस्टर बॉय’ क्यों कहा जाता है
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में S3 मेल टाइगर को अपने शानदार कद-काठी और रोबीले अंदाज के कारण इस रिज़र्व की पहचान है. एक तरह से कहा जाए कि यही पीलीभीत की पहचान है तो कोई आश्चर्य नहीं. S3 बहुत ताक़तवर नर बाघ है. अक्सर फोटो और वीडियो में आप इसे देखते होंगे. इस बाघ की बनावट बहुत शानदार है. पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों की बढ़ती संख्या और शानदार संरक्षण का शानदार उदाहरण है S3 बाध. इन सारे कारणों से आज यह बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व का “पोस्टर बॉय” बन गया है.
जैव विविधता का खजाना है पीलीभीत टाइगर रिजर्व
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पीलीभीत टाइगर रिजर्व अपनी अद्वितीय जैव विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर है. यह देश के उन चुनिंदा रिजर्वों में से एक है जिसने बाघों की संख्या को दोगुना करने के लिए प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ‘TX2’ अवार्ड अपने नाम किया है. लगभग 730 वर्ग किलोमीटर में फैला यह रिजर्व शारदा, माला और चूका जैसी नदियों के पानी से समृद्ध है. यहाँ बाघों के अलावा तेंदुआ, दुर्लभ दलदली हिरण, भालू और सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं. रिजर्व के भीतर स्थित ‘चूका बीच’ सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र है, जहाँ लोग प्रकृति की शांति का अनुभव करने आते हैं.
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18 साल से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा। लक्ष्मी नारायण ने अपने लंबे करियर में डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक के विभिन्…और पढ़ें