गाजियाबाद: वाहन फिटनेस प्रक्रिया ठप, मजबूरी में दूसरे जिलों के चक्कर काट रहे चालक
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Ghaziabad News: यूपी के गाजियाबाद में कई दिनों से वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिससे उनके मालिकों को चालान का डर सता रहा है. आखिर इसके पीछे का क्या कारण है और अब वाहन फिटनेस जांच कैसे होगा.
गाजियाबाद: जिले में वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की फिटनेस को लेकर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, गाजियाबाद में कुछ दिनों से व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिससे उनके मालिकों को चालान का डर सता रहा है. गाड़ियों की फिटनेस कराने के लिए उन्हें मजबूरी में दूसरे जिलों का चक्कर काटना पड़ रहा है. इससे बिना वैध फिटनेस के वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और वाहन स्वामियों के मन में चालान का डर बना हुआ है.
इतने वाहनों के फिटनेस की समय-सीमा समाप्त
जिले में करीब 65 हजार से अधिक व्यवसायिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनमें से करीब 28 हजार वाहनों की फिटनेस की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है. डासना स्थित निजी फिटनेस सेंटर पर प्रतिदिन करीब 100 से अधिक व्यवसायिक वाहनों की फिटनेस जांच होती है. अब फिटनेस सेंटर बंद होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
क्यों जिले में वाहन फिटनेस की प्रक्रिया बंद?
वहीं कई वाहन चालक आरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, जहां उन्हें पास के जिलों से वाहन फिटनेस कराने की सलाह दी जा रही है. इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि आखिर क्यों जिले में वाहन फिटनेस की प्रक्रिया बंद है. उन्होंने बताया कि डासना स्थित निजी फिटनेस सेंटर का फिलहाल नवीनीकरण किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि नवीनीकरण के बाद यहां आधुनिक मशीनों की मदद से वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया तेज़ी से की जाएगी. फिटनेस जांच की जानकारी वाहन स्वामी के मोबाइल फोन पर मैसेज के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. इस मैसेज में वाहन में मौजूद कमियों की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.