सर्दियों की फायदेमंद फसल, 2-3 लाख खर्च में बंपर कमाई, स्ट्रॉबेरी की इस मास्टर तकनीक से किसान कमा रहा मुनाफा
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Profitable Strawberry Farming: लखीमपुर खीरी जिले में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है. यहां के किसान अब पारंपरिक फसलों की जगह स्ट्रॉबेरी की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं. कम लागत, ज्यादा मुनाफा और रोजाना आमदनी देने वाली यह फसल किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का नया जरिया बन चुकी है. सर्दियों में बढ़ती मांग, बेहतर बाजार और सरकारी अनुदान ने स्ट्रॉबेरी को फायदे का सौदा बना दिया है.
Strawberry Ki Kheti: खेती में बदलाव और नई सोच के साथ आगे बढ़ रहे लखीमपुर खीरी जिले के किसान अब स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. कम लागत में ज्यादा आमदनी देने वाली यह फसल किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. खास बात यह है कि सर्दियों का मौसम स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है और बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है.
स्ट्रॉबेरी न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. इसी वजह से बाजारों में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है. स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है. इसके साथ ही किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है, ताकि वे कम लागत में इसकी खेती शुरू कर सकें.
2007 से कर रहे स्ट्रॉबेरी की खेती
खीरी जिले के रहने वाले प्रगतिशील किसान यदुनंदन बताते हैं कि वह वर्ष 2007 से लगातार स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब खेती नई तकनीक से की जा रही है, जिससे उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ा है. इस समय वह एक एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं.
यदुनंदन के अनुसार स्ट्रॉबेरी के पौधे अक्टूबर महीने में लगाए जाते हैं और मार्च तक लगातार फल निकलता रहता है. बाजार में स्ट्रॉबेरी करीब 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है.
अगर एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती की लागत की बात करें तो इसमें करीब 2 से 3 लाख रुपए तक का खर्च आता है. वहीं, इससे होने वाली आमदनी 10 से 15 लाख रुपए तक पहुंच सकती है. इसी वजह से किसान इस खेती से अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं.
सर्दियों के मौसम में स्ट्रॉबेरी की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इस समय लखीमपुर खीरी से सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई और लखनऊ तक लगातार स्ट्रॉबेरी की सप्लाई की जा रही है. इससे खीरी जनपद की स्ट्रॉबेरी को बाजार में एक नई पहचान मिली है. खास बात यह है कि यह फसल रोजाना आमदनी देती है, जिससे किसानों को लगातार नकद पैसा मिलता रहता है.
इस तकनीक से मिलेगी बेहतर पैदावार
स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए भुरभुरी मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. मिट्टी का pH मान 5.3 से 6 के बीच होना चाहिए. खेत में गोबर खाद या जैविक खाद की मात्रा पर्याप्त होनी जरूरी है. खेती के लिए 25 से 30 सेंटीमीटर ऊंची क्यारियां बनानी चाहिए. स्ट्रॉबेरी की खेती में मल्चिंग तकनीक का उपयोग सबसे बेहतर माना जाता है, जिससे नमी बनी रहती है और खरपतवार भी कम उगते हैं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें