आखिर कहां से आ रहा यह काला धुआं, जिसने बिगाड़ी काशी के घाटों की खूबसूरती? पर्यटकों को सांस लेने में भी दिक्कत

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आखिर कहां से आ रहा यह काला धुआं, जिसने बिगाड़ी काशी के घाटों की खूबसूरती? पर्यटकों को सांस लेने में भी दिक्कत


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Varanasi Ganga Ghat Ground Report: वाराणसी गंगा घाट की खूबसूरती पर काला धुआं असर डाल रहा है. लगभग हर दिन शाम चढ़ने के साथ ही डीजल इंजन वाले नावों से निकलने वाला काला घुआं गंगा तट से लेकर 84 घाटों तक छाए रहते हैं.

वाराणसी: गंगा तट पर बसा प्राचीन शहर बनारस अपने खूबसूरत घाटों के लिए दुनियाभर में फेमस है, लेकिन इन दिनों बनारस के खूबसूरत घाटों पर काला धब्बा लग गया है. यह काला धब्बा गंगा की लहरों पर चलने वाले डीजल इंजन नावों के कारण लगें है. लगभग हर दिन शाम चढ़ने के साथ ही डीजल इंजन वाले नावों से निकलने वाला काला घुआं गंगा तट से लेकर 84 घाटों तक छाए रहते हैं.

इन काले घुएं के कारण घाट पर घूमने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी काफी मुश्किलें होती हैं. स्थानीय यश चतुर्वेदी ने बताया कि इस काले धुएं के कारण कभी-कभी आंखों में जलन भी होती है और कई बार सांस फूलने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं. उन्होंने प्रशासन से ये अपील भी की है कि गंगा में चलने वाले इन डीजल इंजन नावों पर रोक लगाई जाए, जिससे गंगा में प्रदूषण होता है.

सीएनजी वाले नाव, डीजल में हुए कन्वर्ट

सरकार ने इस समस्या को दूर करने के लिए गेल इंडिया की मदद से नावों में डीजल इंजन की जगह सीएनजी इंजन लगवाया था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण कई नाविकों ने सीएनजी इंजन की जगह वापस डीजल इंजन लगा लिया, जिसके कारण फिर ये समस्या विकराल रूप लेकर सामने आ गई है.

बीते दिनों लिया था ऐक्शन

बीते दिनों ऐसी शिकायत के बाद वाराणसी पुलिस ने आधा दर्जन नावों पर ऐक्शन भी लिया था. इस ऐक्शन के दौरान ज्यादा धुएं वाली नाव और बजड़ो को सीज किया गया, लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी लोगों को इस आफत से छुटकारा नहीं मिल पाया है, क्योंकि डीजल इंजन वाली नावों की संख्या काफी बढ़ गई है.

बताते चलें कि अब तक जल पुलिस ने अस्सी घाट, गाय घाट सहित अन्य घाटों से करीब दर्जनभर नावों को सीज किया है. उधर नगर निगम ने भी करीब 2 साल से पुराने नावों के साथ नए नावों का कोई लाइसेंस नहीं जारी किया है. ऐसे में यह समस्या आने वाले दिनों में और विकराल हो सकती है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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