यूट्यूब से मिला आइडिया, फिर अनीता ने कमरे के अंदर शुरू किया यह काम, बदल गई जिंदगी! आज घर बैठे कमा रही लाखों
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली अनीता तिवारी ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले मजबूत हों तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा कारोबार खड़ा किया जा सकता है. घर की चारदीवारी के भीतर शुरू किया गया उनका बटन मशरूम का व्यवसाय आज उन्हें हर महीने अच्छी आमदनी दिला रहा है. बिना खेत, बिना बड़ी जमीन और बिना बाहर निकले अनीता लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं और कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.
संघर्ष से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की कहानी
अनीता तिवारी ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की थी. शादी के बाद जीवन सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन अचानक उनके पति की हत्या हो गई. इसी दौरान उनके देवर, जो पेशे से डॉक्टर थे, उनकी भी कैंसर से मृत्यु हो गई. इन दो घटनाओं ने परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया. घर की जिम्मेदारियां बढ़ गईं और आय का कोई ठोस साधन नहीं बचा. इसी मुश्किल दौर में अनीता ने हार मानने के बजाय कुछ नया करने का फैसला किया.
यूट्यूब से मिला मशरूम खेती का आइडिया
अनीता बताती हैं कि एक दिन उन्होंने यूट्यूब पर देखा कि घर के कमरे में भी मशरूम की खेती की जा सकती है. यह बात उन्होंने अपने ससुर से साझा की. इसके बाद परिवार ने इस विषय पर रिसर्च की और गोंडा में ही बटन मशरूम की खेती शुरू करने का निर्णय लिया. अनीता का कहना है कि उन्होंने सोचा अगर कमरा या कोई और सामान किराए पर दिया जाए तो समय पर पैसा नहीं मिलेगा, इसलिए ऐसा काम करना चाहिए जिससे नियमित आमदनी हो सके.
10 से 12 कमरों में हो रही है बटन मशरूम की खेती
फिलहाल अनीता तिवारी अपने घर के 10 से 12 कमरों में बटन मशरूम की खेती कर रही हैं. उन्होंने ऐसा सेटअप तैयार किया है जिसमें नियंत्रित तापमान और नमी बनाए रखी जाती है. यही वजह है कि मशरूम की पैदावार अच्छी हो रही है. वह जैविक तरीके से खेती करती हैं, जिससे उनकी उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं.
भविष्य की बड़ी योजना
अनीता तिवारी यहीं रुकने वाली नहीं हैं. उनका कहना है कि भविष्य में वह ऐसे मशरूम पर काम करना चाहती हैं जिनसे दवाइयां बनाई जाती हैं. साथ ही वह ऐसा प्लांट तैयार कर रही हैं जिससे गर्मियों में भी मशरूम का उत्पादन किया जा सके. उनका मानना है कि जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, वे भी घर के अंदर कमरे में मशरूम उगाकर अच्छा कारोबार शुरू कर सकते हैं.
लागत और कमाई का पूरा हिसाब
अनीता के अनुसार 12 कमरों में मशरूम की खेती शुरू करने में करीब 1 से 1.5 लाख रुपये की लागत आई. पहली बार खेती करने के बावजूद उन्हें सिर्फ ढाई से तीन महीने में 80 से 90 हजार रुपये की आय हो चुकी है. आने वाले दो से ढाई महीनों में कुल कमाई डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
घर बैठे हो जाती है सप्लाई
अनीता बताती हैं कि उन्हें मशरूम बेचने के लिए कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता. ग्राहक खुद उनके घर से मशरूम ले जाते हैं. बाजार में बटन मशरूम की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए बिक्री में कोई परेशानी नहीं आती.
महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत
अनीता तिवारी का यह बिजनेस मॉडल खासतौर पर उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो घर से बाहर नहीं निकल सकतीं. वह मानती हैं कि मशरूम की खेती एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे घर बैठे शुरू किया जा सकता है और इससे आत्मनिर्भर बना जा सकता है. उनकी कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी सही सोच और मेहनत से सफलता पाई जा सकती है.