यूपी में गायब हो गए 1 लाख लोग, धरती खा गई या निगल गया आसमान? हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
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मामले को “प्रदेश में गुमशुदा लोगों के संबंध में” शीर्षक से जनहित याचिका दर्ज करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. लखनऊ चिनहट निवासी याची की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिया है.
यूपी में दो साल में एक लाख गायब हो गए लोग.
लखनऊः उत्तर प्रदेश में पिछले दो साल में एक लाख से अधिक लोग लापता होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की तारीख तय की है. गुरुवार को इस मामले की सुनवाई होगी. दरअसल, एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट लखनऊ बेंच ने पाया कि करीब दो सालों में 1,08,300 लोग लापता हो चुके हैं, जिनके संबंध में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज है. इनमें से मात्र 9700 लोगों का पुलिस पता लगा सकी है. कोर्ट ने इस हालात को बेहद चिंताजनक और गंभीर करार दिया है.
मामले को “प्रदेश में गुमशुदा लोगों के संबंध में” शीर्षक से जनहित याचिका दर्ज करने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. लखनऊ चिनहट निवासी याची की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिया है. याची का बेटा जुलाई 2024 को लापता हो गया था. चिनहट थाने में मामले में गुमशुदगी भी दर्ज हुई थी. लेकिन पुलिस की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई.
इस पर हाईकोर्ट ने याची की शिकायत के साथ साथ गुमशुदा लोगों की जानकारी तलब की थी. अपर मुख्य सचिव गृह की ओर से कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया गया कि 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 तक 1,08,300 लोग गुमशुदा हुए जिनमें मात्र 9700 लोगों का ही पता चल सका. मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि गुमशुदा लोगों के संबंध में संबंधित अथॉरिटीज का रवैया हीला हवाली वाला है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें