Meerut News: पिंक ट्रैक से चमकेगी मेरठ की किस्मत, 8.34 करोड़ की लागत से बना एथलेटिक ट्रैक, जानें क्या है इसकी खासियत

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Meerut News: पिंक ट्रैक से चमकेगी मेरठ की किस्मत, 8.34 करोड़ की लागत से बना एथलेटिक ट्रैक, जानें क्या है इसकी खासियत


Synthetic Athletic Track Meerut: उत्तर प्रदेश की खेल राजधानी कहे जाने वाले मेरठ के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. स्थानीय एथलीटों का बरसों पुराना सपना अब हकीकत में बदल चुका है. शहर के प्रतिष्ठित कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. गुलाबी रंग की आभा बिखेरता यह ट्रैक न केवल देखने में शानदार है, बल्कि तकनीकी रूप से दुनिया के बेहतरीन ट्रैकों को टक्कर दे रहा है. अब मेरठ के खिलाड़ियों को नेशनल और इंटरनेशनल मेडल जीतने की तैयारी करने के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. बस इंतजार है तो उद्घाटन की उस तारीख का, जब यहां से रेस शुरू होगी.

विदेशी तकनीक और बेहतरीन मटेरियल का संगम
इस एथलेटिक ट्रैक की सबसे बड़ी खासियत इसकी निर्माण सामग्री है. ट्रैक को बनाने के लिए जर्मनी, फ्रांस और मलेशिया से उच्च गुणवत्ता वाला मटेरियल मंगाया गया है. इसमें इस्तेमाल होने वाली विशेष रबड़ खासतौर पर मलेशिया से आयात की गई है. इस ट्रैक के बिछने से अब मेरठ के उभरते हुए एथलीटों को वही अनुभव मिलेगा, जो उन्हें ओलिंपिक या एशियाई खेलों के दौरान मिलता है.

तीन लेयर और 8 लेन का वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तैयार किया गया यह ट्रैक अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक महासंघ के मानकों पर आधारित है. यह 400 मीटर लंबा 8 लेन वाला ट्रैक है. इसमें 15 mm की तीन अलग-अलग लेयर डाली गई हैं, जो धावकों के जोड़ों पर कम दबाव डालती हैं और बेहतर ग्रिप प्रदान करती हैं. मुख्य ट्रैक के साथ-साथ दोनों तरफ 100-100 मीटर का स्ट्रेट रनिंग ट्रैक भी विकसित किया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए विभाग ने कार्यदायी संस्था को 8.34 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था.

IIT कानपुर की निगरानी में तैयार हुआ ट्रैक
ट्रैक के निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए समय-समय पर सख्त जांच की गई है. IIT कानपुर की विशेषज्ञ टीम ने खुद मौके पर आकर मटेरियल की क्वालिटी जांची है. साथ ही, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) की टीम हर महीने निर्माण कार्य का निरीक्षण करती रही है. फरवरी माह में काम पूरा होने के लक्ष्य के साथ अब यह पूरी तरह सज-धज कर तैयार है.
स्टेडियम का कायाकल्प और अन्य सुविधाएं
केवल सिंथेटिक ट्रैक ही नहीं, बल्कि पूरे कैलाश प्रकाश स्टेडियम का कायाकल्प किया गया है. स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर की लाइटिंग लगाई गई है, जिससे यह रात में भी दूधिया रोशनी में नहाया नजर आता है. यहां हॉकी का सिंथेटिक टर्फ पहले से ही मौजूद है और अब क्रिकेट के लिए नई पिचें भी तैयार कर दी गई हैं. पूरे परिसर को आधुनिक लुक दिया गया है, जिससे यह एक प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नजर आता है.

दिग्गजों की नर्सरी है मेरठ का यह मैदान
मेरठ की इस मिट्टी को ‘लकी’ माना जाता है. यहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में तिरंगा लहराया है. इस नए ट्रैक से पारुल चौधरी (गोल्डन गर्ल), अन्नू रानी (भाला फेंक), प्रीति पाल, किरण बालियान और प्रियंका गोस्वामी जैसी प्रतिभाओं को और मजबूती मिलेगी. पैरा खिलाड़ी जैनब समेत कई अन्य सितारे इसी मैदान की उपज हैं. अब नई पीढ़ी को आधुनिक सुविधाएं मिलने से पदकों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है.



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