आनंदेश्वर मंदिर में होने जा रही है भक्ति की धूम, जानें सुरक्षा इंतजाम
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कानपुर. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आनंदेश्वर मंदिर, जिसे स्थानीय लोग मिनी काशी भी कहते हैं, पूरी तरह सज-धज कर तैयार हो चुका है. प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा, सफाई, रोशनी और जलाभिषेक जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित कर दी हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के भगवान शिव के दर्शन और पूजा का अनुभव मिल सके.
कानपुर. महाशिवरात्रि के पावन अवसर को लेकर परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर, जिसे कानपुर में मिनी काशी भी कहा जाता है, पूरी तरह तैयार हो चुका है. हर साल की तरह इस बार भी मंदिर में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचेंगे. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सभी जरूरी इंतजाम पहले से पूरी तरह कर लिए हैं, ताकि भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और दर्शन सुगमता से हो सकें.
साफ-सफाई और भीड़ प्रबंधन
मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में विशेष साफ-सफाई कराई गई है. सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि पूरे दिन स्वच्छता बनी रहे. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है, जिससे भीड़ नियंत्रित रहे और लोग बिना धक्का-मुक्की के दर्शन कर सकें.
जलाभिषेक और दर्शन की शुरुआत
महाशिवरात्रि के दिन सुबह बहुत जल्दी से ही भक्तों का आना शुरू हो जाता है. कई श्रद्धालु रात में ही मंदिर पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं. मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और दिशा बताने वाले बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि आने-जाने में किसी को परेशानी न हो.
सुरक्षा, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई है. सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. रातभर रोशनी बनाए रखने के लिए स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की गई है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त लाइटें लगाई गई हैं. श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है. पार्किंग के लिए अलग स्थान तय किए गए हैं, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति न बने और लोग आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें.
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन का सहयोग
जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने मिलकर पूरी योजना बनाई है. व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी. एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां पुलिस, नगर निगम, बिजली और जल संस्थान के अधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके.
महाशिवरात्रि का खास महत्व
आनंदेश्वर मंदिर, जिसे मिनी काशी कहा जाता है, महाशिवरात्रि के दिन भक्ति और आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है. प्रशासन की कोशिश है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में भगवान शिव के दर्शन कर सके और यह पावन पर्व श्रद्धा और शांति के साथ संपन्न हो.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें