पिता को क्यों मारा? खुद कातिल बेटे ने काटने से लेकर बॉडी पार्ट्स ठिकाने लगाने तक की सुनाई कहानी
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राजधानी लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या बेरहमी से की और बॉडी के टुकड़े कर दिए. अब आरोपी बेटे ने पुलिस से भी यह कबूल कर लिया है कि उसने ही यह हत्या की है. साथ ही साथ हत्यारे ने पुलिस को बताया कि कैसे उसने अपने पिता की बॉडी के टुकड़े किए और उन्हें कहां-कहां फेंका. आइए जानते हैं सबकुछ
अब तक नहीं मिला मृतक का सिर.
लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर उनके शव के टुकड़े कर दिए. इस हत्याकांड के बाद देशभर के लोगों के मन में एक ही सवाल है कि कैसे एक बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए. बेटे ने पिता के सिर को काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर फेंका, तो वहीं हाथ-पैर को घर से चार किलो मीटर दूर. पुलिस की पूछताछ में खुद आरोपी बेटा अक्षत ने अपना जुर्म कबुला है. उसने पुलिस को यह भी बताया है कि आखिर पिता की हत्या क्यों की और उनके शव को कैसे काटा और कब बॉडी पार्ट्स को ठिकाने लगाया. साथ ही कातिल बेटे ने बयान दिया कि अगर मौका मिल जाता तो मैं पिता के बचे हुए धड़ का अंतिम संस्कार अकेले में कर देता.
हैरान कर देने वाली बात है कि जिस पिता ने बेटे को डॉक्टर बनाना चाह, उसी बेटे ने पिता की निर्मम हत्या कर शव के टुकड़े टुकड़े कर दिए. गुनाह छुपाने के लिए बेटे ने पिता के शव के कई टुकड़े किए और फिर उन्हें अलग-अलग जगह पर डिस्पोज करने लगा. घर से बदबू ना आए इसके लिये रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया और पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की कहानी गढ़ दी. यह हत्या एक सस्पेंस थ्रिलर स्टोरी की तरह है. 49 साल के मानवेन्द्र की हत्या उनके 21 साल के इकलौते लड़के अक्षत ने कर दी. आरोप है 20 फरवरी की रात दो बजे से पिता मानवेंद्र और बेटे अक्षत के बीच विवाद शुरू हुआ और विवाद इतना बढ़ गया की सुबह 04:30 बजे बेटे अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता मानवेंद्र की गोली मार कर हत्या कर दी. और फिर राइफल को गद्दे ने नीचे छिपा दिया.
आरी से सिर, हाथ, पैर को किया अलग
ये सब कुछ आरोपी अक्षत ने अपनी छोटी और नाबालिग बहन के सामने किया. यही नहीं बहन को धमकाया भी की अगर वो हत्या की बात किसी को बताएगी तो पिता की तरह उसकी भी हत्या कर देगा. सुबह आरी की व्यवस्था की और फिर पिता के सिर, हाथ, पैर को अलग किया. ताकि बॉडी को डिस्पोज कर पाए. बॉडी को काटने के बाद वह सीढ़ियों से शव के टुकड़े ले गया. फिर घर से 21 किलोमीटर दूर सिर को जाकर फेंक आया. जबकि हाथ और पैर को सिरदौना इलाके में फेंक आया.
अब तक पुलिस को नहीं मिला मृतक के सिर का हिस्सा
पुलिस ने हाथ पैर को बरामद कर लिया है, पर सिर अभी तक नहीं मिला है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अक्षत ने बताया कि पिता मानवेन्द्र की हत्या के बाद वो बॉडी को बाथरूम में ले गया, जहां हाथ पैर और सिर को अलग किया. ताकि आसानी से डिस्पोज कर सके. रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल किया ताकि बदबू ना आए. बहन को धमकाया ताकि वारदात की जानकारी किसी को ना हो. ब्रीजा कार से बॉडी पार्ट्स को डिस्पोज कर रहा था और डिस्पोज करने के तुरंत बाद कार की धुलाई ख़ुद कर देता था. तारपीन की तेल की व्यवस्था कि ताकि धर को जला सके क्योंकि धर को काटने की कई बार कोशिश की लेकिन काट नहीं पाया. वहीं पुलिस ने तारपीन तेल, आरी, ब्रीज़ा कार, सिर छोड़ कर बॉडी के सभी पार्ट्स को रिकवर कर लिया है. आज शव का पोस्टपार्टम होगा.
कैसे हत्यारे बेटे ने किया पुलिस को गुमराह
अगर आरोपी अक्षत के बारे में बात करें तो उसकी उम्र 21 साल है और वह बीकॉम का छात्र है. उसके पिता चाहते थे कि बेटा अक्षत नीट क्लियर कर डॉक्टर बन जाए और पैथोलॉजी बिजनेस को संभाल ले. लेकिन, बेटे ने पिता को मौत के घाट उतारने के बाद अपने आप को बचाने के लिए पुलिस के पास गया और कहा कि 20 फरवरी को पिता दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे और 21 फरवरी को घर वापस आने को कहा था लेकिन नहीं आए. तीन दिन बाद आरोपी बेटा अक्षत पुलिस के पास गया था. तब तक अक्षत सिर और हाथ पैर को ठिकाने लगा चुका था. लेकिन धर को घर के नीले ड्रम में रखा हुआ था. यहीं से बदबू आनी शुरू हो गई थी और आरोपी बेटा अक्षत रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल बदबू मिटाने के लिए कर रहा था. बदबू की जानकारी पुलिस को जैसे मिली, वारदात की गुथी सुलझ गई.
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