UP के SDM आत्रेय की प्रदेश में चर्चा, जनसुनवाई मामले में फिर मारी बाजी
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Ballia News: यूपी में बलिया जनपद के एसडीएम आत्रेय मिश्र प्रदेश भर में सुर्खियां बटोर चुके हैं. वह पूरे प्रदेश में IGRS पोर्टल जनसुनवाई के मामले में पहली रैंक पाए हैं. इसके साथ ही एक मामले में एक बुजुर्ग को पिता…और पढ़ें
चर्चित एसडीएम आत्रेय मिश्र सदर बलिया
हाइलाइट्स
- बलिया के एसडीएम आत्रेय मिश्र ने IGRS पोर्टल पर पहली रैंक पाई.
- आत्रेय मिश्र ने बुजुर्ग को भरण-पोषण का आदेश दिया.
- ब्रह्मचारिणी दरबार से अतिक्रमण हटवाया.
बलिया: ‘अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम’. यानी जो विनम्र सुशील और अपने से बड़ों का अभिवादन करता है. उसकी आयु, विद्या, यश और बल बढ़ते हैं. यह श्लोक कहीं न कहीं बलिया के चर्चित एसडीएम आत्रेय मिश्र पर सटीक बैठती है. एक बार नहीं बल्कि, दूसरी बार पूरे प्रदेश में आईजीआरएस के मामले में प्रथम रैंक हासिल किए हैं. बलिया जिले में इनकी पहले जॉइनिंग 3 साल से एसडीएम के पद पर कार्यरत आत्रेय मिश्र ने कई मामले में खूब वाहवाही लूटी है. आईए विस्तार से जानिए…
सदर एसडीएम आत्रेय मिश्र ने लोकल 18 से बताया कि उनका पूरे प्रदेश में डंका बज रहा है. उन्हें बड़े हर्ष की अनुभूति हो रही है. साथ ही कहा कि उनकी सदर बलिया की तहसील पूरे प्रदेश में IGRS पोर्टल जनसुनवाई (मुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण पोर्टल) के मामले में पहली रैंक पाई है.
एसडीएम ने बताया कि यह बड़ी कामयाबी दूसरी बार मिली है. बलिया डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार के मुताबिक उन्होंने काम किया है. यही कारण है कि आज आत्रेय मिश्र पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रहे हैं. IGRS के अलावा भी ये कई बार चर्चा में आए. बलिया जिले से ही आत्रेय मिश्र के सफल जीवन की शुरुआत हुई.
बलिया की जनता अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, राज कुमार गौरव और कमलेश सिंह इत्यादि ने बताया कि, उनके एसडीएम बहुत ही अच्छे हैं. हर मामले को गंभीरता से लेकर न्याय देते हैं. ऐसे अधिकारी की हर जगह आवश्यकता है.
मां ब्रह्मचारिणी दरबार का मामला…
फिलहाल में कुछ दिनों पहले सदर एसडीएम ने राजस्व टीम लगाकर बलिया के प्रसिद्ध ब्रह्मचारिणी जिन्हें ब्रह्मांईन या ब्राह्मणी के नाम से जाना जाता है. ये वही दरबार है, जिसका दुर्गा सप्तशती में भी वर्णन आया है. यहां पर अतिक्रमण एक जटिल समस्या हुआ करती थी. इस मामले में आत्रेय ने गंभीरता दिखाई और अतिक्रमण मुक्त कराया.
इस मामले में चर्चित हुए एसडीएम
यह मामला भरण पोषण अधिनियम के से जुड़ा हुआ था. इनका नाम किशुन था. किशुन के 4 बच्चे थे. सभी ने अपने पिता को अपनाने से मना कर दिया था. मजबूर पिता दर-दर की ठोकरे खा रहा था. अंत में इन्होंने एक बार एसडीएम आत्रेय मिश्र से मुलाकात की. उस समय इनकी पहली ज्वाइनिंग बलिया के बैरिया में ही थी. एसडीएम ने अपनी अदालत से चारों बच्चों को आदेश दिया कि हर महीने अपने बूढ़े बाप को 1-1 हजार रुपए देंगे. इसके बाद इस पिता के मजबूरी का अंत हुआ.
Ballia,Uttar Pradesh
February 06, 2025, 09:12 IST