संभल तहसीलदार कोर्ट का बड़ा फैसला, जामा मस्जिद के इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना
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Sambhal News: संभल की तहसीलदार कोर्ट ने ग्राम समाज की दो बीघा जमीन से कब्जा हटाने और जामा मस्जिद के इमाम पर करीब 7 करोड़ का जुर्माना किया है. इमाम और उनके भाई पर ग्राम समाज की वृक्षारोपण की दो बीघा जमीन पर अवैध तरीके से मस्जिद, मजार और आवास बनाया था.1972 में अवैध पट्टे खारिज होने के बाबजूद इमाम ने कब्जा नहीं छोड़ा, जिसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है.
संभल के जामं मस्जिद के इमाम पर सात करोड़ का जुर्माना
संभल. उत्तर प्रदेश के संभल जिले में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के एक मामले में तहसीलदार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सैफखां सराय गांव में स्थित निर्माण को अवैध घोषित करते हुए कब्जा हटाने का आदेश दिया है और शाही जामा मस्जिद के इमाम और उनके भाई पर पर करीब सात करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है.
मामला संभल शहर के चंदौसी रोड पर स्थित सैफखां सराय ग्राम पंचायत क्षेत्र का है. यहां ग्राम समाज की लगभग दो बीघा जमीन (गाटा नंबर 452) पर अवैध रूप से मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण किया गया था. यह जमीन चकबंदी के समय वृक्षारोपण के लिए आरक्षित की गई थी. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 1972 में तत्कालीन तहसीलदार ने इस गाटा पर दिए गए सभी पट्टों को निरस्त कर दिया था और इसे पुनः ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया था. इसके बावजूद जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन वारसी ने जमीन पर कब्जा बनाए रखा और यहां पक्के मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कर लिया.
जमीन खाली न करने प्रशासन लेगा एक्शन
लेखपाल की रिपोर्ट और लंबी कानूनी सुनवाई के बाद तहसीलदार कोर्ट ने सोमवार को आदेश जारी किया. कोर्ट ने निर्माण को पूरी तरह अवैध करार देते हुए जमीन से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया. साथ ही आरोपियों आफताब हुसैन वारसी और मेहताब हुसैन वारसी पर 6 करोड़ 94 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों द्वारा निर्धारित समय में जमीन खाली नहीं की गई या अपील नहीं की गई, तो प्रशासन द्वारा जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें