‘प्रश्नपत्र देखते ही दिमाग बन गया कम्यूटर’, हिंदी का पेपर देकर लौटे छात्र बोले

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‘प्रश्नपत्र देखते ही दिमाग बन गया कम्यूटर’, हिंदी का पेपर देकर लौटे छात्र बोले


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‘प्रश्नपत्र देखते ही दिमाग बन गया कम्यूटर’, हिंदी का पेपर देकर लौटे छात्र बोले

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CBSE 12th Exam: सीबीएसई बोर्ड का आज इंटरमीडिएट के हिंदी का पेपर संपन्न हुआ. पेपर देकर लौटे छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने पेपर को बेहद आसान बताते हुए अच्छे अंक आने की उम्मीद जताई है. हालांकि परीक्षार्थी पहले टेंशन में थे कि प्रश्न कैसे पूछे जाएंगे.

बलिया: सीबीएसई के इंटरमीडिएट छात्रों के लिए हिंदी का पेपर राहत भरा साबित हुआ है. परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही छात्रों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी. बातचीत के दौरान छात्रों ने पेपर को बेहद आसान बताते हुए अच्छे अंक आने की उम्मीद जताई है. हालांकि परीक्षार्थी पहले टेंशन में थे कि प्रश्न कैसे पूछे जाएंगे. लेकिन प्रश्नपत्र हाथों में आते ही. आइए जानते हैं सीबीएसई के बच्चों ने हिन्दी का पेपर देने के बाद क्या कुछ कहा.

शहर के नजदीक अग्रसंडा में स्थित सनबीम स्कूल से एग्जाम देकर बाहर निकली इंटरमीडिएट की परीक्षार्थी रश्मि श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी का पेपर काफी अच्छा रहा और उन्हें भरोसा है कि इस बार अच्छे नंबर मिल जाएंगे. वहीं प्रशांत वर्मा ने भी पेपर को बेहद सरल बताया है. उन्होंने कहा कि कई ऐसे प्रश्न परीक्षा में आए, जो उन्होंने पढ़ाई के दौरान कई बार रिवीजन किए थे. पूरा पेपर आत्मविश्वास के साथ हल किए हैं. प्रशांत के अनुसार, पेपर 80 अंकों का था और उन्हें उम्मीद है कि 65 से अधिक अंक आसानी से मिल जाएंगे.

पेपर रहा आसान
परीक्षार्थी राज ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें काफी तनाव महसूस हो रहा था, लेकिन जैसे ही प्रश्नपत्र सामने आया तो राहत मिली थी. उन्होंने कहा कि लगभग सभी प्रश्न उन्होंने अच्छे से हल कर दिए हैं. हालांकि, कहानी से जुड़े कुछ सवाल उन्हें थोड़े पेचीदा लगे, लेकिन बाकी पेपर बिल्कुल सहज रहा है.

पेपर हल करने में कोई कठिनाई नहीं
स्वस्तिका पाठक ने भी हिंदी के पेपर को आसान बताया है कि सभी प्रश्न सीधे और स्पष्ट थे और उन्हें हल करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई है. इसी क्रम में अंशुमान श्रीवास्तव ने भी पेपर को सरल बताते हुए कहा कि इस बार हिंदी में अच्छे अंक आने की पूरी संभावना है. छात्रों ने यह भी बताया कि चार अंकों वाले प्रश्न और 100 शब्दों में उत्तर लिखने वाले कुछ सवाल उलझाने वाले जरूर थे, लेकिन बाकी प्रश्नों ने उन्हें ज्यादा परेशान नहीं किया है.

80 अंकों में से करीब 75 अंक आएंगे
रुनझुन शुक्ला ने कहा कि पेपर काफी शानदार रहा और उन्होंने 80 अंकों में से करीब 75 अंकों का पेपर आत्मविश्वास के साथ हल किया है. अमिशा वर्मा के मुताबिक, प्रश्नपत्र में पूछे गए लगभग सभी सवाल किताब के पाठ्यक्रम से ही थे, जिससे छात्रों को जवाब लिखने में काफी आसानी हुई है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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