‘सेक्शन B ने छुड़ाए पसीने’, जानें कैसा रहा गाजीपुर के छात्रों का ICSE 12th का आखिरी पेपर

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‘सेक्शन B ने छुड़ाए पसीने’, जानें कैसा रहा गाजीपुर के छात्रों का ICSE 12th का आखिरी पेपर


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ICSE Computer Science Paper Ghazipur : इस साल का पेपर पूरी तरह एप्लीकेशन-बेस्ड रहा. बोर्ड ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब केवल सिंटैक्स रटने से काम नहीं चलेगा. कई सवाल तार्किक क्षमता जांचने वाले थे. गाजीपुर में सेंट मैरी स्कूल से परीक्षा देकर निकले छात्र अनिकेत ने लोकल 18 को बताया कि इस बार पेपर का स्तर ईजी नहीं था. हालांकि, आखिरी पेपर होने की खुशी उनके चेहरे पर साफ थी. छात्र सिद्धांत ने बताया कि सेक्शन A आसान था, सेक्शन B ने पसीने छुड़ा दिए.

गाजीपुर. इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE/ISC) बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आज शाम 5 बजे कंप्यूटर साइंस के पेपर के साथ संपन्न हो गईं. सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल गाजीपुर में परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर जहां एक ओर परीक्षा खत्म होने की बड़ी राहत थी, वहीं कंप्यूटर के लॉजिक और जावा प्रोग्रामिंग को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. सेंट मैरी स्कूल से परीक्षा देकर निकले छात्र अनिकेत ने बताया कि इस बार पेपर का स्तर ईजी बिल्कुल नहीं था. अनिकेत के अनुसार, पेपर पूरी तरह से मॉडरेट लेवल का था. बोर्ड ने इस बार पैटर्न में बदलाव करते हुए कॉन्सेप्ट-बेस्ड और कॉम्पिटेंसी (क्षमता आधारित) सवालों पर ज्यादा जोर दिया, जिससे पेपर का लेवल काफी बढ़ा हुआ लगा. हालांकि, आखिरी पेपर होने की खुशी उनके चेहरे पर साफ थी और उन्हें 80 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद है.

सेक्शन B में फंसी प्रोग्रामिंग की गाड़ी

छात्र सिद्धांत ने गहराई से पेपर का विश्लेषण करते हुए बताया कि जहां सेक्शन A अपेक्षाकृत आसान था, सेक्शन B ने पसीने छुड़ा दिए. उन्होंने कहा कि प्रोग्रामिंग और जावा से जुड़े सवाल काफी ट्रिकी थे. खासकर स्ट्रिंग (String) और एरे (Array) बेस्ड प्रश्नों को हल करने के लिए सही ‘मैथड’ का चुनाव करना चुनौतीपूर्ण रहा. सिद्धांत ने यह भी बताया कि रिकर्सन (Recursion) से भी सवाल पूछे गए थे, जिन्होंने छात्रों की तार्किक क्षमता की कड़ी परीक्षा ली.

नए फॉर्मेट वाला सवाल

छात्र विश्वास कुमार सिंह ने पेपर को चुनौतीपूर्ण श्रेणी में रखा. उनके अनुसार, जावा प्रोग्रामिंग का हिस्सा उम्मीद से अधिक कठिन था. विश्वास ने एक महत्त्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करते हुए बताया कि इस बार प्रश्नों का फॉर्मेट थोड़ा अलग था. प्रोग्रामिंग के साथ दो नंबर का अतिरिक्त सवाल जोड़ दिया गया था, जिसने प्रश्नपत्र को थोड़ा नया और अलग रूप दिया. आज के पेपर ने यह साफ कर दिया कि बोर्ड अब केवल रट्टा मारने की प्रवृत्ति को खत्म कर रहा है. पूरे प्रश्नपत्र में Array, String, Recursion और Logic-based सवालों का बोलबाला रहा. शिक्षकों और छात्रों का मानना है कि जिन बच्चों ने जावा प्रोग्रामिंग की नियमित प्रैक्टिस की थी और जिनके कॉन्सेप्ट क्लियर थे, वही अच्छे अंक हासिल कर पाएंगे.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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