प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सख्त, CM योगी को लिखा पत्र

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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सख्त, CM योगी को लिखा पत्र


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Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 6 मांगें रखी हैं. बार एसोसिएशन ने पत्र में लिखा है कि प्राइवेट स्कूल हर साल आवश्यक रूप से किताबों की कीमतों को बढ़ा रहे हैं और अनावश्यक बदलाव कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीएम योगी को लिखा पत्र

प्रयागराज. प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सख्त रुख अपनाते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. इस पत्र में प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों द्वारा पुस्तकों की कीमतों में मनमानी और हर वर्ष अनावश्यक बदलाव किए जाने के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है.  साथ ही सीएम योगी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

पत्र में कहा है कि प्रदेश के अधिकांश निजी विद्यालय अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे हैं. विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुस्तकों की कीमतों को मनमाने तरीके से बढ़ाया जा रहा है और अभिभावकों को केवल निर्धारित दुकानों से ही पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है. इससे प्रतिस्पर्धा समाप्त हो जाती है और अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई विद्यालय हर वर्ष पुस्तकों का नया संस्करण जारी कर देते हैं, जबकि पाठ्यक्रम में कोई विशेष बदलाव नहीं होता है. केवल कुछ अध्यायों में मामूली परिवर्तन करके नई पुस्तकें अनिवार्य कर दी जाती हैं, जिससे अभिभावकों को हर साल नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं. बार एसोसिएशन ने इसे अभिभावकों के साथ अन्यायपूर्ण बताया है और कहा है कि अधिकांश परिवार हर वर्ष इस अतिरिक्त खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं हैं.

सीएम से की गई प्रमुख मांगें

1.निजी विद्यालयों द्वारा पुस्तकों की कीमतों पर नियंत्रण हेतु सख्त नियम बनाए जाएं

2. विद्यालयों को किसी विशेष विक्रेता से ही पुस्तकें क्रय करने के लिए बाध्य करने पर रोक लगाई जाए

3.पुस्तकों के सेट को कम से कम 5 वर्षों तक अपरिवर्तित रखने हेतु स्पष्ट नियम निर्धारित किए जाएं

4.केवल आंशिक (चैप्टर स्तर) परिवर्तन के आधार पर नई पुस्तकें अनिवार्य करने की प्रथा पर रोक लगाई जाए

5.नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए

6.अभिभावकों के हितों की सुरक्षा हेतु एक प्रभावी निगरानी तंत्र (मॉनिटरिंग सिस्टम) स्थापित किया जाए

बार एसोसिएशन द्वारा इस मुद्दे के उठने के बाद अभिभावकों में भी उम्मीद जगी है कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी और उन्हें राहत मिलेगी.

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Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें



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