तो शरिया कानून चाहता था छांगुर? NIA की स्पेशल कोर्ट ने माना, 8 पर आरोप तय

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तो शरिया कानून चाहता था छांगुर? NIA की स्पेशल कोर्ट ने माना, 8 पर आरोप तय


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NIA की स्पेशन कोर्ट ने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा सहित 8 लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं. कोर्ट ने माना है कि धर्मांतरण के जरिए मुस्लिम जनसंख्या को बढ़ाना आरोपियों का मकसद था. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी माना है कि देश के लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू कराने का भी मकसद था.

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छांगुर बाबा सहित 8 पर आरोप हुए तय.

लखनऊः अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा और सात अन्य पर आरोप तय हो गया है. लखनऊ की एनआईए स्पेशल कोर्ट में आरोप तय हुए है. 2 मई से मामले में गवाही शुरू हो जाएगी. पूरा मामला विदेशी फंडिंग से आए धन का दुरुपयोग करके, लालच और भय दिखाकर हिंदुओं और गैर मुस्लिमों के अवैध धर्मांतरण का है. अवैध धर्मांतरण और दुराचार के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा समेत 8 आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं. आरोपितों में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा, नीतू उर्फ नसरीन, सबरोज़, शहाबुद्दीन, रशीद, राजेश कुमार उपाध्याय, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और महबूब का नाम शामिल है.

इस्लामी राष्ट्र बनाकर चुनी सरकार को हटाने की था साजिश
कोर्ट ने कहा कि इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य धर्मांतरण के जरिए मुस्लिम जनसंख्या को बढ़ाना था. जनसंख्या बढ़ाकर देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता को छिन्न भिन्न करना था. देश की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू करना था. आरोपियों का उद्देश्य इस्लामी राष्ट्र बनाकर भारत की चुनी हुई सरकार को हटाना था. आरोपियों के कृत्य को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश माना गया है. कोर्ट ने दो समुदायों के बीच धर्म के आधार घृणा और वैमनस्यता की भावनाएं भड़काने वाला मामला माना है.

किन-किन धाराओं में तय हुए आरोप
कोर्ट ने धोखाधड़ी, गैंगरेप, छेड़खानी ,साजिश, अवैध धर्मांतरण के अलावा एससी एसटी एक्ट की धाराओं में भी आरोप तय किए हैं. आरोपियों ने अपने ऊपर लगाए आरोपों से इनकार किया और मामले का विचारण किए जाने की मांग की. कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद अभियोजन के गवाहों को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया. एटीएस ने 16 नवंबर 2024 को गोमती नगर थाने में छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, नीतू उर्फ नसरीन, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन व अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

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Prashant RaiChief Sub Editor

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