PHOTO: काशी के ये अन्नक्षेत्र है खास, मिलता है फ्री भोजन, गरीबों के लिए वरदान

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PHOTO: काशी के ये अन्नक्षेत्र है खास, मिलता है फ्री भोजन, गरीबों के लिए वरदान


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Varanasi Famous Annakshetr : धर्म नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के साथ माता अन्नपूर्णा का दरबार भी है. धार्मिक मान्यता है कि इस शहर में माता अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से कोई भी भक्त भूखा नहीं सोता है. इसके लिए काशी में कई अन्नक्षेत्र चलाएं जाते हैं. इन अन्नक्षेत्रों में दूर-दराज से आने वाले भक्तों के अलावा गरीबों को मुफ्त में भोजन मिलता है.

दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में भी पूज्य भाई जी अन्नक्षेत्र का संचालन होता है. हर रोज शाम को इस अन्नक्षेत्र में रिक्शा चालक, मजदूर, भिखारी और अन्य लोग मुफ्त में भोजन ग्रहण करते हैं. इस अन्नक्षेत्र में हर दिन 600 से 800 लोगों का भोजन तैयार होता है. फिर विद्यालय में ही उन्हें बैठाकर भोजन कराया जाता है. आम लोगों के सहयोग से इस अन्नक्षेत्र का संचालन होता है.

काशी विश्वनाथ अन्नक्षेत्र

उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ के अन्नक्षेत्र में भक्तों को दो तरह की सब्जी, दाल, रोटी चावल और खीर परोसी जाती है. बिना किसी शुल्क के जो चाहे वो बाबा के अन्नक्षेत्र में पेटभर प्रसाद ग्रहण कर सकता है. एक आंकड़े के मुताबिक, हर दिन काशी विश्वनाथ के अन्नक्षेत्र में 2500 से ज्यादा भक्त और जरूरतमंद निशुल्क भोजन ग्रहण करतें है. बीते कई सालों से यह अन्नक्षेत्र चलता चला आ रहा है. कोविड के समय में भी इस अन्नक्षेत्र से जरुरतमंदों को भोजन वितरित किया गया था.

काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र

वाराणसी में माता अन्नपूर्णा के दरबार के करीब ही उनका अन्नक्षेत्र भी चलता है. इस अन्नक्षेत्र में सुबह से शाम तक भक्तों को भरपेट भोजन कराया जाता है. श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस अन्नक्षेत्र का संचालन किया जाता है. मंदिर के महंत शंकरपुरी ने बताया कि इस पृथ्वी पर अन्नदान ही सर्वोच्च दान है और माता अन्नपूर्णा अन्न और धन की देवी भी है. इसलिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा निशुल्क अन्नक्षेत्र का संचालन किया जाता है.

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अस्सी घाट पर फ्री अन्नक्षेत्र में भोजन

वहीं काशी के अस्सी घाट पर भी जय मां गंगा सेवा समिति द्वारा अन्नक्षेत्र चलाया जाता है. गंगा आरती करने के बाद इस अन्नक्षेत्र से सैकड़ो जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है. खास बात यह भी है कि इस अन्नक्षेत्र में हर दिन के लिए अलग-अलग मेन्यू भी तय है. समिति से जुड़े लोगों की माने तो कोरोना काल के समय से यह अन्नक्षेत्र अनवरत चल रहा है.

ये है परम्परा

धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने भी अपने सबसे प्रिय नगरी काशी में कोई भूखा न सोए इसके लिए माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगी थी. माता अन्नपूर्णा ने भगवान शिव को ये आशीर्वाद दिया था कि उनके नगरी में कोई भी भूखा नहीं सोएगा. बस तभी से काशी में भले ही कोई भूखा उठे लेकिन भूखा कभी नहीं सोता है. अलग-अलग जगहों पर अन्नपूर्णा मंदिर के कई अन्नक्षेत्र चलते है.

शाम 7 बजे से लगती है भीड़

वहीं मारवाड़ी सेवा संघ के द्वारा भी नित्य दिन अन्नक्षेत्र का संचालन होता है. इस अन्नक्षेत्र में खिचड़ी, पूड़ी, सब्जी, तहरी का वितरण गरीब और जरूरतमंदों को किया जाता है. आपसी सहयोग से मिलने वाली राशि से इस अन्नक्षेत्र का संचालन होता है. हर रोज शाम करीब 7 बजे यहां जरूरतमंदों की भीड़ लगती है.

माता अन्नपूर्णा का प्रसाद समझ भक्त करते हैं ग्रहण

बताते चलें कि अलग-अलग अन्नक्षेत्रों में बनने वाला भोजन को माता अन्नपूर्णा का प्रसाद माना जाता है. प्रसाद की तरह ही इसे अलग-अलग किचन में तैयार किया जाता है. इसे तैयार करने में पवित्रता और सुचिता का विशेष ख्याल भी रखा जाता है. इसे ग्रहण करने वाले भक्त और जरूरतमंद भी इसे उसी स्वरूप में ग्रहण करतें है.

काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र

अन्नपूर्णा मंदिर के अलावा श्री काशी विश्वनाथ न्यास द्वारा भी अन्नक्षेत्र चलाया जाता है. अनवरत चलने वाले इस अन्नक्षेत्र में हर दिन हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करतें हैं. इसके अलावा गरीब और जरूरतमंदों को भी यहां मुफ्त भोजन मिलता है. बाबा विश्वनाथ के इस अन्नक्षेत्र से मरीजों को भी भोजन उपलब्ध कराया जाता है. मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि हर दिन हजारों पैकेट भोजन बीएचयू अस्पताल भेजा जाता है. जिससे मरीज के तीमारदारों का पेट भरता है.



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