बड़े समीकरण को साध रही योगी सरकार मगर अपने ही हो गए पराए, क्या उलझ जाएगी 2027 की राह?

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बड़े समीकरण को साध रही योगी सरकार मगर अपने ही हो गए पराए, क्या उलझ जाएगी 2027 की राह?


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हाल ही में बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार के भागलपर में आयोजित बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के मंच पर अपनी ही सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने भरे मन और चुनौती भरे लहजे में कहा था कि आज सरकार की नजरों में उनका और उनके समाज का कोई अस्तित्व नहीं बचा है.

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योगी कैबिनेट विस्तार से नाराज हुए बृज भूषण शरण सिंह और आशा मौर्य

लखनऊः उत्तर प्रदेश सरकार का रविवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया. कुल 8 लोग मंत्री बनाए गए, जिसमें से दो का प्रमोशन किया गया. लेकिन इन सबके बीच जो दो पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए, उसको लेकर अब राजनीति तेज हो गई है. पहला पोस्ट भाजपा विधायक आशा मौर्या का है तो दूसरा पोस्ट बृजभूषण शरण सिंह का है. इन दोनों नेताओं के पोस्ट ने यह जाहिर कर दिया है कि मंत्रिमंडल के विस्तार से कई लोग खुश नहीं हैं. हालांकि आशा मौर्य ने अपने पहले पोस्ट को डिलीट करके दूसरा पोस्ट शेयर किया. आशा मौर्य ने अपने पोस्ट में बाहरी का जिक्र किया था. उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए सपा के बागी विधायक मनोज पांडे पर निशाना साधा. मनोज पांडे रायबरेली के ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्हें रविवार को बीजेपी ने राज्य मंत्री बनाया.

आशा मौर्य ने पहले पोस्ट को किया डिलीट
आशा मौर्य ने अपनी पहली पोस्ट में लिखा कि आप सभी पत्रकार बंधुओं, पूरे देश, प्रदेश से आए फोन कॉल, सोशल मीडिया पर शुभचिंतकों, समर्थकों व स्नेह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का ह्रदय से आभार. आपका स्नेह और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है लेकिन यह भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भाजपा को समर्पित कार्यकर्ताओं, विशेषकर हम जैसे मौर्य समाज के संघर्षशील एवं निष्ठावान लोगों की आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही. बल्कि बाहर से आए हुए बागी एवं दलबदलू नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. वर्षों से पार्टी और संगठन के लिए समर्पण भाव से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कहीं न कहीं पीड़ादायक है. फिर भी हम समाज, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ते रहेंगे.

आशा मौर्य ने किया दूसरा पोस्ट
आप सभी पत्रकार बंधुओं, देश-प्रदेश से प्राप्त हुए फ़ोन कॉल, सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएँ एवं समर्थन देने वाले सभी शुभचिंतकों, समर्थकों और स्नेह रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हृदय से आभार एवं धन्यवाद. आप सभी का प्रेम, आशीर्वाद और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है. आपके स्नेह और समर्थन ने सदैव मुझे समाज एवं संगठन के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है. पार्टी और संगठन के लिए पिछले 35 वर्षों से पूर्ण समर्पण भाव, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए सदैव संगठन हित को सर्वोपरि रखा है. जनसेवा और समाजहित के लिए निरंतर कार्य करना ही मेरे जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहूंगी. हालांकि, एक समर्पित कार्यकर्ता होने के नाते कहीं न कहीं मन में थोड़ी पीड़ा अवश्य हुई है, क्योंकि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक रूप से जुड़ी होती है. लेकिन यह पीड़ा मेरे संकल्प को कमजोर नहीं करेगी, बल्कि समाज और संगठन के प्रति मेरी जिम्मेदारियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी. मैं पहले भी पार्टी एवं संगठन के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करती रही हूँ और आगे भी सदैव संगठन एवं समाज हित में कार्य करती रहूंगी. समाज के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती, सत्यनिष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ जारी रहेगी.

बृजभूषण शरण सिंह ने भी किया पोस्ट
राजनीति में अक्सर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 21 घंटे पहले एक्स पर एक शायरी पोस्ट की. उन्होंने लिखा कि शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख़ (डाल) पे बैठे हो, वो टूट भी सकती है. बृजभूषण शरण सिंह के इस पोस्ट को मंत्रिमंडल के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. बता दें कि बृज भूषण शरण सिंह के एक बेटे सांसद हैं तो दूसरे विधायक हैं. लेकिन दोनों में से किसी को भी ना तो केंद्र के मंत्रिमंडल में जगह मिली है और ना ही राज्य के मंत्रिमंडल में.

‘हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दें’
हाल ही में बृजभूषण शरण सिंह ने बिहार के भागलपर में आयोजित बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव के मंच पर अपनी ही सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने भरे मन और चुनौती भरे लहजे में कहा था कि आज सरकार की नजरों में उनका और उनके समाज का कोई अस्तित्व नहीं बचा है. साथ ही यह भी कहा था कि अगर किसी को लगता है कि हम भार बन चुके हैं तो बस एक बार कह दें कि हमारी जरूरत नहीं है. चाहे 2027 हो या 2029 का चुनाव हम अपनी उपयोगिता साबित करके दिखा देंगे. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि यह हमारी चुप्पी का नतीजा है कि आज हमें तवज्जों नहीं दी जा रही है.

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें

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