30 लाख में बिका नीट का पेपर, 7 राज्यों में हुआ वायरल, CBI की राडार पर कौन?
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NEET paper leak, NEET UG Exam 2026 Cancelled: 30 लाख रुपये में खरीदा गया NEET का कथित पेपर, फिर WhatsApp ग्रुप और चैनलों के जरिए 7 राज्यों तक वायरल कर दिया गया. जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर गुरुग्राम की गैंग तक पहुंचा था, जहां से राजस्थान के जयपुर और सीकर तक इसका नेटवर्क फैलाया गया. अब इस पूरे मामले में छात्रों, कोचिंग लिंक, डॉक्टरों और कई संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच हो रही है. CBI समेत कई एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले बाजार तक कैसे पहुंच गया?
NEET, neet exam, neet ug, NEET paper leak, NEET UG Exam 2026: नीट पेपर लीक मामले की जांच तेज.
NEET paper leak, NEET UG Exam 2026 Cancelled: NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि NEET का पेपर करीब 30 लाख रुपये में खरीदा गया था और बाद में इसे कई राज्यों में छात्रों तक पहुंचाया गया. जांच एजेंसियों के मुताबिक यह पेपर नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक होकर गुरुग्राम की एक गैंग तक पहुंचा और फिर वहां से राजस्थान समेत सात राज्यों में फैल गया. अब इस पूरे नेटवर्क पर CBI और दूसरी एजेंसियों की नजर है. मामले में छात्रों, कोचिंग नेटवर्क, डॉक्टरों और कई संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है…
कहां से लीक हुआ नीट का पेपर?
जांच में सामने आया है कि NEET का प्रश्नपत्र सबसे पहले महाराष्ट्र के नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से बाहर निकला. यहीं से कथित तौर पर पेपर गुरुग्राम की गैंग तक पहुंचा. एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क में अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने पेपर को परीक्षा से पहले बाहर पहुंचाने में मदद की.सूत्रों के मुताबिक नासिक से पकड़ा गया शुभम नाम का युवक मध्य प्रदेश में MBBS की पढ़ाई कर रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर कैसे आया और किन लोगों ने इसे आगे सप्लाई किया.
गुरुग्राम गैंग ने कई राज्यों में फैलाया पेपर
जांच में यह भी सामने आया है कि गुरुग्राम की गैंग ने इस पेपर को अलग-अलग राज्यों में मोटी रकम लेकर बेचा. राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत तक इस नेटवर्क के तार जुड़े बताए जा रहे हैं.बताया जा रहा है कि इस गैंग के संपर्क में कुछ डॉक्टर भी थे. एजेंसियों को मिले चैट रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों से यह आशंका भी जताई जा रही है कि पिछले साल के NEET पेपर लीक में भी यही नेटवर्क सक्रिय हो सकता है.
जयपुर के दो भाइयों ने 30 लाख में खरीदा पेपर
राजस्थान में इस पूरे मामले का बड़ा कनेक्शन जयपुर के जमवारामगढ़ से जुड़ा बताया जा रहा है. जांच के अनुसार, जमवारामगढ़ के दो भाई मांगीलाल और दिनेश ने 26 अप्रैल को गुरुग्राम गैंग से कथित तौर पर 30 लाख रुपये देकर पेपर खरीदा था.दोनों भाइयों में से एक का राजनीति से संबंध बताया जा रहा है. जांच एजेंसियां उनके आर्थिक लेन-देन और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं. जानकारी के मुताबिक इसी परिवार के चार बच्चे पिछले साल NEET में चयनित हुए थे जिसके बाद अब पूरे नेटवर्क को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
सीकर बना पेपर सप्लाई का बड़ा केंद्र
पेपर खरीदने के बाद दोनों भाई सीकर पहुंचे. यहां उनका बेटा NEET की तैयारी कर रहा था.जांच में सामने आया है कि 29 अप्रैल को सीकर में कई छात्रों और कुछ कोचिंग नेटवर्क तक पेपर पहुंचाया गया.सीकर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग का बड़ा हब माना जाता है. जांच एजेंसियों को पता चला है कि यहां कई छात्रों और कोचिंग संचालकों ने WhatsApp ग्रुप और Telegram चैनल बना रखे थे, जिनके जरिए कथित पेपर शेयर किया गया.
WhatsApp और चैनलों पर वायरल हुआ पेपर
सूत्रों के अनुसार मांगीलाल और दिनेश ने कई ग्रुपों में यह पेपर बेचा. देहरादून से पकड़े गए राकेश कुमार को भी इसी नेटवर्क के जरिए पेपर मिला था. बताया जा रहा है कि राकेश कुमार के चैनल से करीब 100 छात्र जुड़े हुए थे.यहीं से पेपर तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते सात राज्यों तक फैल गया.जांच एजेंसियों को पेपर की PDF फाइल और उसके प्रिंट कॉपी दोनों के सबूत मिले हैं.
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