प्रतीक यादव पीछे छोड़ गए पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियां, जानिए कैसे संभालेगा यादव परिवार
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Prateek yadav death: प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियों को छोड़ गए हैं. उनकी बड़ी बेटी प्रथमा यादव का जन्म 20 मार्च 2014 को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हुआ था. वहीं छोटी बेटी का नाम प्रतीक्षा यादव है. सोशल मीडिया पर अक्सर प्रतीक यादव अपनी बेटियों और पत्नी के साथ तस्वीरें साझा करते थे. कभी परिवार के साथ त्योहार मनाते हुए, तो कभी बेटियों के साथ हंसते और खेलते हुए उनकी तस्वीरें लोगों को भावुक कर रही हैं.
प्रतीक यादव का परिवार
लखनऊः समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरे परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है. पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह विष्ट पार्थिव शरीर को लेकर आवास के लिए रवाना हो गए. जैसे ही यह खबर परिवार और करीबियों तक पहुंची, घर पर शोक जताने वालों का तांता लग गया. हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक यादव बेहद शांत, सरल और परिवार से बेहद प्यार करने वाले इंसान थे. उनके अचानक चले जाने से परिवार को गहरा सदमा लगा है.
पत्नी अपर्णा और दो बेटियों को छोड़ गए
प्रतीक यादव अपने पीछे पत्नी अपर्णा यादव और दो बेटियों को छोड़ गए हैं. उनकी बड़ी बेटी प्रथमा यादव का जन्म 20 मार्च 2014 को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में हुआ था. वहीं छोटी बेटी का नाम प्रतीक्षा यादव है. सोशल मीडिया पर अक्सर प्रतीक यादव अपनी बेटियों और पत्नी के साथ तस्वीरें साझा करते थे. कभी परिवार के साथ त्योहार मनाते हुए, तो कभी बेटियों के साथ हंसते और खेलते हुए उनकी तस्वीरें लोगों को भावुक कर रही हैं. उन तस्वीरों में परिवार के बीच का प्यार और मजबूत बॉन्डिंग साफ नजर आती थी. यही वजह है कि उनके निधन की खबर ने सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि उन्हें जानने वाले हर शख्स को अंदर तक झकझोर दिया है.
बेटियों को ढांढस बंधाने की कोशिश
आवास पर पहुंचने वाले लोग अपर्णा यादव और बच्चों को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाना हर किसी को भावुक कर रहा है. घर के बाहर भारी संख्या में लोग मौजूद हैं और हर तरफ सिर्फ शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. अंतिम दर्शन के लिए आने वाले लोग नम आंखों से प्रतीक यादव को याद कर रहे हैं. परिवार के करीबी लगातार अपर्णा यादव और बच्चों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें