महोगनी से चंदन तक…मेड़ किनारे लगाने के लिए ये 7 पेड़ बेस्ट, जानिए एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल

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महोगनी से चंदन तक…मेड़ किनारे लगाने के लिए ये 7 पेड़ बेस्ट, जानिए एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल


गोरखपुर. गोरखपुर समेत पूर्वांचल के किसान अब पारंपरिक धान और गेहूं की खेती से आगे बढ़कर ऐसी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय में बड़ा मुनाफा मिल सके. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान पेड़ों की खेती के साथ सब्जियां या दूसरी फसलें लगाते हैं, तो उन्हें डबल फायदा हो सकता है. एक तरफ हर सीजन में सब्जियों और दलहन से आमदनी होगी, दूसरी तरफ कुछ साल बाद पेड़ लाखों रुपये का मुनाफा दे सकते हैं. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आरआर सिंह (निदेशक प्राकृतिक विज्ञान) लोकल 18 से कहते हैं कि आजकल एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसमें किसान खेत की मेड़ या निश्चित दूरी पर पेड़ लगाते हैं और बीच की खाली जमीन में सब्जियां, मसाले, दलहन या चारा फसल उगाते हैं. किसान भाई इन सात पेड़ों को लगा सकते हैं.

सागौन

सागौन की लकड़ी बाजार में बेहद महंगी बिकती है. इसकी खेती 10 से 15 साल में किसानों को बड़ा मुनाफा देती है. शुरुआती वर्षों में किसान इसके बीच में आलू, टमाटर, मटर और हल्दी जैसी फसलें उगा सकते हैं.

महोगनी

महोगनी की लकड़ी फर्नीचर और सजावट में इस्तेमाल होती है. इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है. किसान इसके साथ गोभी, धनिया और मिर्च की खेती कर सकते हैं.

पॉपलर

उत्तर भारत में पॉपलर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसकी लकड़ी प्लाईवुड इंडस्ट्री में खूब इस्तेमाल होती है. इसके बीच में गेहूं, सरसों और कई सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं.

यूकेलिप्टस

कम समय में तेजी से बढ़ने वाला यह पेड़ किसानों को अच्छा रिटर्न देता है. इसकी लकड़ी पेपर और फर्नीचर उद्योग में काम आती है. किसान इसके साथ दलहन और चारा फसलें लगा सकते हैं.

चंदन

चंदन की खेती अब कई राज्यों में किसान कर रहे हैं. इसकी लकड़ी काफी महंगी होती है. हालांकि इसकी सुरक्षा और देखभाल जरूरी होती है. किसान शुरुआती वर्षों में सब्जियां और औषधीय फसलें उगा सकते हैं.

शीशम

शीशम की लकड़ी मजबूत और महंगी मानी जाती है. खेत की मेड़ पर इसकी खेती करके किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं.

बांस

बांस की खेती कम लागत में अच्छी कमाई देती है. फर्नीचर, सजावट और निर्माण कार्य में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. इसके साथ अदरक, हल्दी और हरी सब्जियां उगाई जा सकती हैं.

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान सही योजना के साथ पेड़ों और फसलों की मिश्रित खेती करें तो आने वाले वर्षों में उनकी आय कई गुना तक बढ़ सकती है. इससे जमीन की उर्वरता भी बेहतर रहती है और किसानों को लंबे समय तक स्थायी आमदनी भी मिलती है.



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