बारिश में नहीं भीगेंगे गोबर के उपले! नमी बचाने के लिए अपनाएं ये देसी तरीके
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ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर के उपलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती होती है, खासकर बरसात के मौसम में. सही तरीके से भंडारण न करने पर उपले नमी पकड़कर खराब हो जाते हैं. ऐसे में दीवारनुमा ढेर बनाना, छप्पर या छाया में रखना, जमीन से ऊंचाई पर स्टोर करना और ऊपर से तिरपाल या पुआल से ढकना जैसे देसी तरीके अपनाकर उपलों को बारिश से बचाया जा सकता है. ये आसान उपाय न सिर्फ उपलों को सुरक्षित रखते हैं बल्कि उन्हें लंबे समय तक उपयोग योग्य भी बनाए रखते हैं.
सुल्तानपुर. ग्रामीण क्षेत्र में गोबर के उपले भारी मात्रा में बनाए जाते हैं. मई का महीना सर्दी के मौसम में बनाए गए गोबर के उपयोग को रखने के लिए उपयुक्त माना जाता है. लेकिन लोगों को उपले रखने की विधि ना मालूम होने की वजह से बारिश में उपलों काफी नुकसान हो जाता है. ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कुछ विधियों के बारे में जिसका प्रयोग कर आप उपले को सही जगह और आसानी से रख सकते हैं. जिससे बारिश में उपला भीगेगा नहीं और काफी लंबे समय तक आप उसका प्रयोग कर सकेंगे.
दीवारनुमा ढेर बनाकर रखें उपले
ग्रामीण माता प्रसाद लोकल 18 से बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में पुराने समय से उपलों को गोल या फिर दीवारनुमा आकार में जमाकर रखने की परंपरा रही है. इससे हवा का बैलेंस बना रहता है और बारिश का पानी सीधे अंदर तक नहीं पहुंच पाता. इसके साथ ही उपलों को एक-दूसरे से सटाकर गोल आकार में लगाने से उनका ढेर भी मजबूत हो जाता है. जब भी ढेर बनाएं तब ऊपर की तरफ थोड़ा ढलाव रखना चाहिए. इससे बारिश का पानी नीचे फिसल जाता है औय यह तरीका उपलों को काफी लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.
छप्पर के नीचे करें भंडारण
माता प्रसाद आगे बताते हैं कि अगर घर में खाली जगह उपलब्ध रहे तो उपलों को छप्पर, टीन शेड और बरामदे के नीचे रखना चाहिए, क्योंकि खुले आसमान के नीचे रखे उपले नमी जल्दी पकड़ लेते हैं. वहीं छाया वाली जगह पर रखने से उपलों में सूखापन बना रहता है. कई ग्रामीण परिवार बांस और सरपत की मदद से छोटा अस्थायी छप्पर बना लेते हैं, जिससे बरसात के मौसम में भी उपले सुरक्षित रहते हैं.
जमीन से ऊंचाई पर रखें उपले
उपलों को सीधे जमीन पर रखना चाहिए इससे नीचे की नमी उन्हें खराब कर सकती है, इसलिए उपलों के नीचे सूखी लकड़ी, ईंट या बांस बिछाना जरूरी माना जाता है. इससे हवा का संचार बना रहता है और बरसात में जमीन का पानी उपलों तक नहीं पहुंच पाता, क्योंकि कुछ लोग लकड़ी की चौकी या फिर पुराने तख्त का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. यह तरीका खासकर लंबे समय तक उपले सुरक्षित रखता है.
ऊपर से ढकने के लिए करें देसी इंतजाम
बरसात शुरू होने से पहले उपलों के ढेर को ऊपर से ढक देना चाहिए, इसके लिए पुरानी प्लास्टिक, तिरपाल, पुआल या सूखी घास का उपयोग किया जा सकता है. ध्यान रहे कि ढकने के बाद थोड़ी जगह हवा आने-जाने के लिए खुली रहे, ताकि नमी अंदर बंद न हो. यह एक बेहतर तरीका माना जाता है क्योंकि इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं होता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें