यूपी बीजेपी में होगी बड़ी फेरबदल, कल आ सकती है फाइनल लिस्ट, आज दिल्ली में महामंथन

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यूपी बीजेपी में होगी बड़ी फेरबदल, कल आ सकती है फाइनल लिस्ट, आज दिल्ली में महामंथन


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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले हर एक स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है. फिर चाहे वो क्षेत्रीय हो या जातीय. यही वजह है कि सरकार में बदलाव के बाद अब बीजेपी अपनी पार्टी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है. इसके लिए हफ्तों से बैठकों का दौर चल रहा है. खुद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एक हफ्ते से दिल्ली में हैं.

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यूपी बीजेपी में बड़े बदलाव की तैयारी. (फाइल फोटो)

लखनऊः उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी सरकार में समीकरण सेट करने के बाद अब संगठन के जरिए सभी राजनीतिक गोटियों को सेट करने की तैयारी कर रही है. यही वजह है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सभी प्रदेश अध्यक्षों के साथ आज दिल्ली में मीटिंग करेंगे. इस बैठक के अगले दिन यानी दो जून को यूपी की प्रदेश इकाई घोषित करने की चर्चा तेज हो गई है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इस बैठक में शामिल रहेंगे. बिहार की तर्ज पर यूपी में भी बड़े पैमाने पर चेहरों को बदलने की तैयारी है.

नए चेहरों को लेकर बीजेपी में उलझनें बढ़ीं
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सप्ताहभर से नई दिल्ली में हैं. यूपी की प्रदेश इकाई को लेकर उनकी बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष निति नवीन, संगठन महामंत्री बीएल संतोष एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ हो चुकी है. लेकिन संगठन में नए चेहरों को लेकर उलझनें बढ़ी हैं. आज शाम को उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह से नितिन नवीन की मुलाकात होगी.

क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति में जाति और उम्र पर फोकस
इसी मीटिंग में प्रदेश इकाई एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों वाली पूरी उलझन सुलझाने का प्रयास होगा।.चर्चा है कि काशी क्षेत्र में क्षेत्रीय अध्यक्ष के नाम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सहमति ली गई है, जिसके आधार पर ही छह क्षेत्रीय अध्यक्षों का जातिगत समीकरण तय होगा. वाराणसी जिले में राम सकल पटेल नए अध्यक्ष बनाए गए हैं. ऐसे में क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में पटेल की जगह कोई और कार्ड आजमाया जाएगा. इसलिए भी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची तय नहीं हो पाई है. पार्टी इस बार क्षेत्रीय एवं जातीय समीकरणों के साथ ही उम्र पर विशेष ध्यान देगी.

पुराने चेहरों को कैसे सम्मान देगी बीजेपी
अगर क्षेत्रीय अध्यक्षों को हटाया गया तो उनके अनुभव का प्रयोग पार्टी कहां करेगी. इस पर भी मंथन किया जा रहा. उन्हें मोर्चे या मुख्य इकाई में लेने को लेकर द्वंद है. संगठन में पुराने चेहरों को निगम, आयोग एवं बोर्ड में अहम पद देकर उनके अनुभव और निष्ठा का पुरस्कार दिया जा सकता है.

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Prashant RaiChief Sub Editor

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