मेडिकल स्टोर पर टकराई नजर, फिर चांदनी के ‘हुस्न’ के जाल में फंसकर पढ़ा कलमा?
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Shamli Ayush Malik Chandani Qureshi Case: उत्तर प्रदेश के शामली में धर्मांतरण का मामला बढ़ता जा रहा है. एक हिंदू युवक आयुष के ‘मोहम्मद अली’ बनने की कहानी ने तूल पकड़ लिया है. पीड़ित पिता का आरोप है कि फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी ने इलाज के बहाने उनके बेटे को अपने हुस्न के जाल में फंसाया. उसका इस कदर ब्रेनवॉश किया कि उसने कलमा पढ़ लिया. हालांकि, युवक इन आरोपों को नकारते हुए इसे अपनी मर्जी का फैसला बता रहा है. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत चांदनी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है. एसआईटी मामले की जांच में जुट गई है.
शामली जिले में प्यार, इलाज और अवैध धर्मांतरण का केस पेचीदा होते जा रहा है. शामली पुलिस ने एक मुस्लिम महिला चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गैरकानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पीड़ित पिता का आरोप है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसके तहत उनके इकलौते बेटे को प्यार के जाल में फंसाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया.

आयुष मलिक के अनुसार, चांदनी एक फिजियोथेरेपिस्ट थी और आयुष को कंधे में गंभीर चोट लगी थी. इसी शोल्डर इंजरी के इलाज के सिलसिले में वह कभी-कभार चांदनी के क्लिनिक जाने लगा था. लेकिन पिता का आरोप है कि इसी फिजियोथेरेपी सेशन के दौरान चांदनी ने अपनी खूबसूरती और हुस्न का ऐसा जादू चलाया कि आयुष पूरी तरह उसके वश में हो गया.

मेडिकल स्टोर चलाने वाले पीड़ित पिता देवराज मलिक ने अपनी शिकायत में चांदनी के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि आरोपी चांदनी, उसकी बहनें और भाई पिछले चार सालों से उनके बेटे का इस्तेमाल कर वित्तीय लाभ उठा रहे थे. अब इस गिरोह की नजर उनकी पुश्तैनी जायदाद पर है. पिता का दावा है कि ये लोग अब परिवार के बाकी सदस्यों पर भी धर्म बदलने का दबाव बना रहे हैं.
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इस पूरे विवाद पर खुद आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने चौंकाने वाले बयान दिए हैं. उसने अपनी पत्नी चांदनी का बचाव करते हुए कहा कि उनका निकाह चार साल पहले ही हो चुका है और वे अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं. आयुष के मुताबिक, ‘धर्म परिवर्तन कहीं बाहर नहीं होता; यह इंसान के अंदर से अपने आप होता है. इसमें किसी मौलवी का काम नहीं होता कि कोई जबरन आपका निकाह पढ़ेगा, बल्कि इंसान में खुद धर्म को सीखने और समझने की काबिलियत होनी चाहिए.’

उत्तर प्रदेश के कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है. फिलहाल मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसका पिता पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि एफआईआर में नामजद मौलाना मुनव्वर और अन्य मौलवियों की तलाश जारी है. एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या युवक का सचमुच ब्रेनवॉश किया गया था या फिर यह दो बालिगों का आपसी फैसला है.

इलाज और हुस्न के इस ताने-बाने का नतीजा यह हुआ कि एक संभ्रांत हिंदू परिवार का लड़का आयुष मलिक धीरे-धीरे विश्वभर के खासकर पाकिस्तान के मौलनाओं के वीडियो देख इस कदर प्राभावित हुआ कि ‘मोहम्मद अली’ बन गया. पिता का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के तुरंत बाद चुपके से एक निकाहनामा (मैरिज सर्टिफिकेट) भी तैयार कर लिया गया था. आयुष का दावा है कि उसके सरकारी दस्तावेजों में आज भी उसका नाम आयुष मलिक ही दर्ज है, लेकिन उसने दिल से इस्लाम को अपना लिया है और इसमें किसी भी बाहरी मौलवी का कोई हाथ नहीं है.