गोंडा के इस बैंक में 23 साल चलती रही होश उड़ाने वाली हेराफेरी, मैनेजर समेत 69 पर मुकदमा

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गोंडा के इस बैंक में 23 साल चलती रही होश उड़ाने वाली हेराफेरी, मैनेजर समेत 69 पर मुकदमा


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Gonda News : गबन का ये मामला गोंडा के इंडियन बैंक की मुख्य शाखा का है. 23 सालों में 3.6 करोड़ की हेराफेरी हुई. बैंक मैनेजर,‌ कैशियर, कर्मचारी और ग्राहकों समेत 69 पर केस दर्ज कराया गया है. 1997 से 2020 तक तैनात कर्मचारियों पर आरोप लगा है. कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सोसाइटी की धनराशि का गबन कर लिया.

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बीते 23 साल में 3.6 करोड़ की हेराफेरी हुई. फोटो प्रतिकात्मक. AI जेनरेटेड.

गोंडा. यूपी के गोंडा में इंडियन बैंक की मुख्य शाखा में 3 करोड़ 60 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है. इंडियन बैंक इम्पलाइज क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की गोंडा शाखा में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मुकदमा दर्ज हुआ है. सोसाइटी के सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने 69 अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. न्यायलय के आदेश पर नगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, वर्ष 1997 से 2020 के बीच सोसाइटी में तैनात रहे बैंक प्रबंधकों, कैशियरों समेत विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.

लिखित अनुबंध भी नहीं माना
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सोसाइटी की धनराशि का गबन कर लिया. सोसाइटी के सचिव रविंद्र कुमार श्रीवास्तव का आरोप है कि प्रारंभिक जांच में करीब 3 करोड़ 60 लाख 16 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी. आरोप है कि हेराफेरी की गई धनराशि ब्याज सहित वापस जमा करने का लिखित अनुबंध किया था, लेकिन बाद में उन्होंने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया और धनराशि जमा नहीं की. सोसाइटी का दावा है कि ब्याज और अन्य देनदारियों को जोड़ने के बाद अब यह राशि बढ़कर 4 करोड़ 90 लाख 8 हजार 373 रुपये हो गई है.

क्या बोली पुलिस
कोर्ट के आदेश पर 69 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है और जांच चल रही है. सीओ सिटी आनंद कुमार राय के मुताबिक, मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं. शिकायतकर्ता से भी घोटाले से संबंधित अभिलेख और साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है. जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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