योगी को रामलला का दर्शन किसने कराया? राम मंदिर में CM के साथ कौन-कौन!
Last Updated:
CM Yogi in Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी अयोध्या पहुंचे. राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से दूर रहे. बता दें, चंपत राय राम मंदिर के सबसे पावरफुल शख्स हैं. पूरे मंदिर की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है. मंदिर में जब भी कोई वीआईपी कार्यक्रम या दौरा हुआ, चंपत राय उसमें हमेशा मौजूद रहे हैं. मगर, पहली बार ऐसा हुआ कि सीएम को किसी और ने दर्शन कराए.
अयोध्या पहुंचे थे सीएम योगी.
अयोध्या : अयोध्या का राम मंदिर इन दिनों चंदा के कथित चोरी के मामले को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है. इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे. यहां उन्होंने रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की. साथ ही राम मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने इस बात का संदेश भी दिया कि जो भी दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. वहीं इस दौरान चंपत राय योगी के कार्यक्रम से दूर रहे. वो राम जन्मभूमि से 4 किमी दूर कारसेवकपुरम में थे. अब सवाल उठता है कि आखिर सीएम को रामलला के दर्शन किसने कराए और उनके साथ कौन-कौन रहा तथा जेब से निकले लिफाफे में क्या था? आइए जानते हैं…
ट्रस्ट के प्रतिनिधि के तौर पर दिनेंद्र दास रहे साथ
मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले जिला प्रशासन ने राम मंदिर ट्रस्ट को पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि मुख्यमंत्री को दर्शन कराने के लिए ट्रस्ट की ओर से एक प्रतिनिधि नामित किया जाए. इसी क्रम में ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. उन्होंने मुख्यमंत्री को रामलला के दर्शन कराए और मंदिर परिसर की जानकारी दी.
जेब से निकाला लिफाफा, दान पात्र में किया अर्पित
रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी जेब से एक लिफाफा निकाला और उसे श्रद्धापूर्वक श्रीराम जन्मभूमि के दान पात्र में अर्पित किया. मुख्यमंत्री के इस कदम को श्रद्धा और आस्था से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि लिफाफे में कितनी राशि थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
कौन-कौन रहा मुख्यमंत्री के साथ?
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान विधायक अभय सिंह, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और अयोध्या के महापौर गिरीश त्रिपाठी भी मौजूद रहे. सभी ने रामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर में चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
SIT जांच के बीच दिखी दूरी
राम मंदिर के दान पात्र में कथित गबन के मामले को लेकर इस समय एसआईटी जांच कर रही है. जांच के दायरे में ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं. ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान यह भी चर्चा का विषय रहा कि उन्होंने जांच के घेरे में आए ट्रस्ट के आरोपित सदस्यों से दूरी बनाए रखी. मुख्यमंत्री ने अपना पूरा कार्यक्रम तय प्रोटोकॉल के अनुसार पूरा किया और दर्शन के बाद अन्य निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए.
About the Author

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें