आम के गुच्छों में लग रही ये खतरनाक बीमारी, ऐसे करें देखभाल, होगी बंपर पैदावार
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Mango Fruits Care : इस रोग में टहनियों पर निकलने वाली पत्तियां और शाखाएं छोटी होकर गुच्छा बना लेती हैं. इससे पेड़ की वृद्धि रुक जाती है. पेड़ का विकास न हो पाने के कारण आम की पैदावार भी घट जाती है.
गुच्छा रोग
आजमगढ़. गर्मियों का मौसम आ रहा है. आम के पेड़ों पर फलियां लगाना शुरू हो रही हैं. समय के साथ जैसे ये फलियां बड़ी होंगी तब इन्हें विशेष देखभाल की जरूरत पड़ेगी. सही देखभाल न मिलने या लापरवाही करने पर आम के फल झड़ जाते हैं. इसमें गुच्छा रोग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में इन्हें ऐसे रोगों और टेंपरेचर में होने वाले बदलाव से बचाना जरूरी है. वरना आम की फलियां खराब होने से पैदावार कम होने का खतरा है. आजमगढ़ कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेश बताते हैं कि आम में गुच्छा रोग या स्मॉल फॉर्मेशन देखा जाता है. इससे टहनियों पर निकलने वाली पत्तियां और शाखाएं छोटी होकर गुच्छा बना लेती हैं और पौधे को बढ़ने से रोक देती हैं. पौधे का विकास न हो पाने के कारण आम की पैदावार प्रभावित होती है. इस रोग का समय रहते उपचार करने और समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करने से उत्पादन में बढ़ोतरी की जा सकती है.
तापमान में बदलाव
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेश बताते हैं कि गुच्छा रोग उत्तर भारत में पाया जाता है, जिसका मुख्य कारण उत्तर भारत में अक्टूबर माह से फरवरी माह तक अपेक्षाकृत तापमान का कम होना है. इससे वृक्ष मालफॉर्मेशन नामक विकृति से बच नहीं पाते हैं. इसी विकृति के कारण एथिलीन नामक हार्मोन का स्तर पेड़ों में अधिक हो जाता है, जो गुच्छा रोग को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा कारण है. इस रोग को पूरे पेड़ में फैलाने का कम अति सूक्ष्म मकड़ी करती है, जो धीरे-धीरे पेड़ में लगे हुए सभी आम के गुच्छों तक फैल जाती है और ये फलियां खराब हो जाती हैं.
इनका छिड़काव है जरूरी
गुच्छा रोग से नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम 12%, मैंकोजेब 63% और अल्फा नेफथाइल एसिटिक एसिड 4.5% SL का छिड़काव कर सकते हैं. कीटनाशक दवा का प्रयोग भी किया जा सकता है. कॉपर ऑक्सिक्लोराइड दवा का भी प्रयोग भी कारगर हो सकता है. इसके अलावा फल तोड़ने के बाद पेड़ पर लगे हुए सभी गुच्छों को काटकर हटा देना चाहिए. जिन गुच्छों में रोग फैला हुआ दिखाई दे, उसे तुरंत काट कर तत्काल जला दें.
Azamgarh,Uttar Pradesh
February 17, 2025, 23:57 IST